BREAKING

Iran

ईरान में छात्र आंदोलन फिर शुरू, सड़कों पर नारों की गूंज।

ईरान में पिछले कुछ महीनों से जारी विरोध प्रदर्शनों ने एक बार फिर देश में उथल-पुथल मचा दी है। जानलेवा कार्रवाई के 40 दिन बाद शनिवार को तेहरान और मशहद में छात्रों ने फिर से सड़कों पर निकलकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध शांतिपूर्ण नहीं था; सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर वीडियो फुटेज वायरल हो रही हैं, जिनमें छात्र यूनिवर्सिटी कैंपस में मार्च करते हुए नजर आ रहे हैं। इस बार का विरोध प्रदर्शन पिछले महीने हुई हिंसा के बाद छात्रों की सबसे बड़ी रैली थी। तेहरान की शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और अमीरकबीर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में सैकड़ों छात्र इकठ्ठा हुए। इसके अलावा मेडिकल साइंसेज यूनिवर्सिटी में भी छात्रों ने रैलियां निकालीं, जो देशभर में बढ़ती नाराजगी और असंतोष को दिखाती हैं।
प्रदर्शनकारियों ने ‘तानाशाह की मौत हो’ जैसे नारों के साथ सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ विरोध जताया। छात्रों ने ईरानी झंडा उठाकर सरकार और राजशाही के समर्थन या विरोध में भी नारे लगाए। तेहरान की शाहिद बेहेश्टी यूनिवर्सिटी में छात्रों ने शांतिपूर्ण धरना दिया, जबकि अमीरकबीर यूनिवर्सिटी की फुटेज में छात्र अधिकारियों और सरकारी नीतियों के खिलाफ नारे लगाते दिखाई दिए। मशहद में, ईरानी छात्रों ने ‘आजादी, आजादी’ के नारे लगाए और अपने साथियों से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की।

यह विरोध प्रदर्शन केवल राजनीतिक नारों तक सीमित नहीं रहा। यह उन आर्थिक समस्याओं और असंतोष का भी प्रतीक है, जो देश में युवाओं और आम जनता के बीच फैली हुई हैं। दिसंबर के अंत में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद यह ताजा आंदोलन शुरू हुआ। उस समय देशभर में आर्थिक परेशानियों और गरीबी के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे, जो धीरे-धीरे राजनीतिक असंतोष में बदल गए। इस बार के प्रदर्शन में छात्रों की भागीदारी ने संकेत दिया कि युवा वर्ग अब सिर्फ अपनी आर्थिक शिकायतों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वे अपने अधिकार, शिक्षा और शासन प्रणाली पर भी सवाल उठा रहे हैं।
इन प्रदर्शनकारियों की मांगें विविध हैं। एक ओर वे शिक्षा और रोजगार के अवसरों की गारंटी चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर वे राजनीतिक और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा की भी मांग कर रहे हैं। छात्र यूनिवर्सिटी परिसरों में शांतिपूर्ण मार्च और धरने कर रहे हैं, लेकिन कभी-कभी नारे और सरकार विरोधी गतिविधियों के कारण तनाव और टकराव की स्थिति पैदा हो रही है। प्रशासन ने इन प्रदर्शनों की मॉनिटरिंग शुरू कर दी है और सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।
तेहरान और मशहद के विश्वविद्यालयों में आयोजित रैलियों में छात्रों ने अपने अधिकारों की मांग करते हुए सरकार पर दबाव डालने की कोशिश की। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवा वर्ग भविष्य का निर्माण करेगा, और उनका हक है कि वे खुलकर अपनी आवाज़ उठाएं। कई सोशल मीडिया पोस्ट में छात्रों ने अपने समर्थन में और रैलियों का आह्वान किया। इस तरह, विरोध प्रदर्शन एक व्यापक और देशव्यापी आंदोलन में बदलता जा रहा है।
सरकार और प्रशासन इस नई लहर से चिंतित हैं, क्योंकि ये प्रदर्शन न केवल छात्रों तक सीमित हैं, बल्कि आम नागरिकों और नागरिक समाज के अन्य वर्गों को भी प्रभावित कर रहे हैं। पिछले महीने हुई हिंसा ने पहले ही देश में तनाव बढ़ा दिया था, और अब नए प्रदर्शन से सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर नई चुनौतियां सामने आई हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे।
यह विरोध प्रदर्शन देश में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और सामाजिक असंतोष की जटिलता को दर्शाता है। आर्थिक समस्याओं, बेरोजगारी, महंगाई और राजनीतिक नियंत्रण ने युवाओं और छात्रों में नाराजगी पैदा की है। ये प्रदर्शन सिर्फ एक छात्र आंदोलन नहीं हैं, बल्कि पूरे देश में बदलाव की मांग का प्रतीक बनते जा रहे हैं। सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वे इन मांगों को सुनें और युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक अधिकारों की गारंटी दें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार समय रहते उचित कदम नहीं उठाती है, तो प्रदर्शन और बढ़ सकते हैं और व्यापक नागरिक असंतोष में बदल सकते हैं। छात्र आंदोलन के जरिए ईरान के युवा वर्ग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल नारे लगाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश में वास्तविक और स्थायी बदलाव चाहते हैं।
इस प्रकार, ईरान में छात्र आंदोलन की यह नई लहर पिछले महीनों की असंतोषपूर्ण घटनाओं का नतीजा है और यह भविष्य में देश की राजनीति और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। देश की युवा शक्ति अब खुलकर अपनी मांगें और नाराजगी व्यक्त कर रही है, जो आने वाले समय में ईरानी समाज के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

Subscribe to Our Newsletter!

This will close in 0 seconds