अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता का ऐतिहासिक रेड रोड योगमय वातावरण में रंगा नजर आया। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। सुबह आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सफेद परिधान में नजर आए। उन्होंने आम नागरिकों के साथ विभिन्न योगासन किए और लोगों को नियमित योग अपनाने के लिए प्रेरित किया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।करीब 40 मिनट तक चले योग सत्र में प्रधानमंत्री प्रतिभागियों के बीच पहुंचकर उनकी गतिविधियों का अवलोकन करते रहे। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सभी लोग योगासन सही तरीके से करें। कई मौकों पर उन्होंने प्रतिभागियों को उचित मुद्रा और तकनीक के बारे में भी जानकारी दी। रेड रोड पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए। योग प्रेमियों ने इसे स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया। कार्यक्रम स्थल पर सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का माहौल बना रहा। योग दिवस के इस आयोजन ने एक बार फिर दुनिया को भारत की प्राचीन योग परंपरा का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। कोलकाता में आयोजित यह कार्यक्रम योग के वैश्विक महत्व और बढ़ती लोकप्रियता का प्रतीक बनकर उभरा।


CM सहित कई लोगों ने लिया हिस्सा
कई बार उन्होंने व्यक्तियों की योगासन या मुद्रा को सुधारने में सहायता भी की। यह योग अभ्यास एक विशाल योग कार्यक्रम का हिस्सा थे, जिसमें सभी उम्र के लोग, बुजुर्गों और छात्रों सहित, शामिल हुए। योग के इस उत्सव में गवर्नर आरएन रवि, पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल और दीपक बर्मन सहित अनेक मंत्रियों ने भी भाग लिया। साल 2015 में जब संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाने के भारत के सुझाव को स्वीकृति दी थी। इसके बाद पीएम मोदी ने नई दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, मैसूरु, न्यूयॉर्क, श्रीनगर और विशाखापत्तनम जैसे विभिन्न स्थानों से इस उत्सव का नेतृत्व किया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर कोलकाता का ऐतिहासिक रेड रोड योग साधना का स्थल बन गया। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया और योग के महत्व को व्यापक रूप से पहुंचाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और वृद्धजन उपस्थित थे। सुबह आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सफेद टी-शर्ट और सफेद पैंट में पहुंचे। उन्होंने अन्य प्रतिभागियों के साथ विभिन्न योग आसनों का अभ्यास किया और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। रेड रोड पर आयोजित यह भव्य आयोजन विशेष रूप से उल्लेखनीय था। एक ओर भारतीय सेना का ईस्टर्न कमांड मुख्यालय था, वहीं दूसरी ओर कोलकाता का प्रसिद्ध मैदान। इस ऐतिहासिक स्थल पर हजारों लोगों का एक साथ योग करना आकर्षण बना रहा। करीब 40 मिनट तक चले योग सत्र में प्रधानमंत्री निरंतर प्रतिभागियों के बीच घूमते रहे। उन्होंने लोगों के आसनों को ध्यान से देखा और कई लोगों को सही मुद्रा अपनाने के लिए सुझाव दिए।
योग सत्र में अनेक आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया। स्कूली छात्र, कॉलेज के युवा, वरिष्ठ नागरिक और महिलाएं सभी ने उत्साह के साथ योगाभ्यास किया। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य योग को जन आंदोलन में परिवर्तित करना था। इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में राज्यपाल आर.एन. रवि, वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल और अन्य जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। सभी ने योग को स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी बताया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने का साधन है। उन्होंने कहा कि योग आज समस्त विश्व को भारत की प्राचीन संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जोड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत भारत के प्रस्ताव पर हुई थी। वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव स्वीकार किया था। इसके बाद से हर वर्ष कई देशों में योग दिवस को उत्साह के साथ मनाया जाता है। पिछले वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, मैसूरु, न्यूयॉर्क, श्रीनगर और विशाखापत्तनम जैसे कई शहरों में योग दिवस कार्यक्रमों का नेतृत्व कर चुके हैं। इस वर्ष कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम ने भी योग के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि और जागरूकता का संकेत दिया। योग दिवस का आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन की दिशा में सबका सामूहिक प्रयास माना गया। हजारों लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि योग अब केवल भारत ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व की जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।