मुंबई में होटल और रेस्तरां चलाने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल, एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति बाधित हो गई है। खासकर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी से होटल उद्योग पर भारी असर पड़ रहा है।मुंबई में छोटे और मंझोले आकार के लगभग 20% होटल और रेस्तरां पहले ही बंद हो चुके हैं। होटल एसोसिएशन का कहना है कि अगर आपूर्ति में रुकावट रही तो अगले दो दिन में करीब आधे होटल और रेस्तरां काम बंद कर देंगे। बंगलुरु समेत कई अन्य शहरों से भी ऐसी ही खबरें मिल रही हैं।एलपीजी डीलरों का कहना है कि घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति में फिलहाल कोई परेशानी नहीं है। ग्राहकों को पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। लेकिन व्यावसायिक सिलेंडरों की भारी कमी के कारण छोटे और मंझोले होटल दबाव में काम कर रहे हैं।
क्यों हुई कमी
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में रुकावट पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की नई नोटिफिकेशन के बाद हुई। इसके अलावा, अमेरिका-इस्राइल-ईरान संघर्ष से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले आयातित गैस पर असर पड़ा है।



असर कितना गंभीर है
मुंबई में करीब 10,000 होटल और रेस्तरां हैं, जिनमें लगभग 4 लाख लोग काम करते हैं। छोटे और मंझोले होटल जिनके पास स्टॉक कम है, पहले ही बंद हो चुके हैं। तीन और चार सितारा होटल फिलहाल सुरक्षित हैं क्योंकि उनके पास पर्याप्त स्टॉक है।
एक आम रेस्तरां को रोजाना तीन-चार सिलेंडर की जरूरत होती है। सामान्य तौर पर, वे चार दिन के लिए स्टॉक रखते हैं। लेकिन अब कमर्शियल सिलेंडर की भारी कमी के कारण कई होटल अपने मेन्यू को छोटा करने या ऑपरेशन बंद करने की योजना बना रहे हैं।
ब्लैक मार्केट की संभावना
कुछ जगहों पर सिलेंडर ब्लैक मार्केट में मिल रहे हैं। आम सिलेंडर की कीमत 1,840 रुपये है, लेकिन वेंडर इसे 3,000 रुपये तक बेच रहे हैं। कुछ रेस्तरां तो 6,000 रुपये प्रति सिलेंडर भी दे रहे हैं।
पर्यटन और कॉरपोरेट जगत पर असर
मुंबई में रोजाना लाखों पर्यटक आते हैं। वे छोटे और मंझोले होटल और रेस्तरां पर निर्भर हैं। अगर सिलेंडर की आपूर्ति नहीं बढ़ी, तो पर्यटन उद्योग और कॉरपोरेट कर्मचारियों को भी मुश्किल होगी।सिलेंडर की कमी सबसे पहले छोटे होटल और रेस्तरां को प्रभावित करेगी। अगर जल्द ही आपूर्ति नहीं सुधरी, तो शहर का होटल और रेस्तरां उद्योग बड़े संकट में आ सकता है।










