उत्तराखंड के विकासनगर में हुए बस हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की ईमानदारी की एक सराहनीय मिसाल सामने आई है। दुर्घटनाग्रस्त बस से बरामद ₹3 लाख 20 हजार रुपये से भरा बैग सही पहचान के बाद घायल यात्री के परिजनों को लौटा दिया गया।
सहारनपुर निवासी है घायल यात्रीपुलिस ने बस दुर्घटना में घायल यात्री से फोन पर संपर्क किया। इसके बाद नायब तहसीलदार राजेंद्र लाल ने पूरे मामले की जांच की। संतुष्ट होने के बाद उपमंडलाधिकारी चकराता की मौजूदगी में यह बैग घायल यात्री के परिजनों को सौंप दिया गया। बैग को घायल व्यक्ति की बेटी सानिया ने प्राप्त किया।

घायल व्यक्ति की पहचान अब्दुल कयूम के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का रहने वाला है और नेरवा में क्रॉकरी की दुकान चलाता है। हादसे के बाद उसे विकासनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।नायब तहसीलदार ने बताया कि जब पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस की तलाशी ली, तो उन्हें काले रंग का कपड़े का बैग मिला। बैग के अंदर ₹3.20 लाख नकद, अब्दुल कयूम का पैन कार्ड और फोटो पहचान पत्र मौजूद था।
पहचान के बाद परिजनों को सौंपा गया बैगहादसे की सूचना मिलते ही अब्दुल कयूम के परिजन भी दुर्घटनास्थल पर पहुंच गए थे। दस्तावेजों के आधार पर पहचान की पुष्टि की गई, जिसके बाद नोटों से भरा बैग सुरक्षित तरीके से परिजनों को सौंप दिया गया।इस बीच शिमला जिला प्रशासन की एक टीम भी क्वानू एचआरटीसी बस हादसे में घायल यात्रियों से मिलने विकासनगर अस्पताल पहुंची। टीम में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा और नायब तहसीलदार चंद वर्मा शामिल थे। अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती सभी घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।जिला प्रशासन के अनुसार मंगलवार को शिमला के नेरवा से वाया विकासनगर पांवटा साहिब जा रही एचआरटीसी बस क्वानू के पास सड़क हादसे का शिकार हो गई थी।हादसे की जानकारी मिलते ही उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने एडीएम पंकज शर्मा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। इस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायलों को राहत राशि प्रदान की।
प्रशासन द्वारा
- सामान्य घायलों को ₹5,000,
- रेफर किए गए घायलों को ₹10,000,
- और मृतकों के परिजनों को ₹25,000 की फौरी राहत दी गई।
- उपायुक्त शिमला ने कहा कि बस हादसा भले ही उत्तराखंड राज्य में हुआ हो, लेकिन वहां के उपायुक्त और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरा सहयोग दिया, जिससे राहत और बचाव कार्य तेजी से पूरा हो सका










