BREAKING

ChandigarhIndiaMohaliPunjab

डेराबस्सी चुनाव विवाद पर बढ़ा सियासी संग्राम

Mohali के डेराबस्सी में नगर परिषद चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 19 का मामला अब राजनीतिक विवाद का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार कुलविंदर कौर का नामांकन रद्द होने के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। समर्थकों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए प्रशासन पर निष्पक्षता नहीं बरतने का आरोप लगाया। नामांकन रद्द होने की सूचना मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। कई जगहों पर नारेबाजी हुई और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी। कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह ढिल्लों मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया। उनका कहना है कि विरोधी दल को चुनाव में हार का डर था, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाकर नामांकन रद्द करवाया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को कानूनी रूप से उठाएगी। कुलविंदर कौर ने भी प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले उनके परिवार से जुड़े वोटों को दूसरे वार्ड में स्थानांतरित किया गया, जिससे उनकी उम्मीदवारी को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ अन्याय बताया। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि उम्मीदवारों के नामांकन इस तरह रद्द किए जाएंगे, तो लोगों का चुनावी व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होगा। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ढिल्लों ने सीधे तौर पर हलका विधायक कुलजीत सिंह रंधावा पर आरोप लगाए। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को हार का डर था, जिसके कारण कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द करवाने की कोशिश की गई। कांग्रेस उम्मीदवार कुलविंदर कौर ने भी आरोप लगाया कि उनके वोट और परिवार के सदस्यों की वोटिंग एंट्री को वार्ड नंबर 16 में स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने इसे चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम उन्हें वार्ड नंबर 19 से चुनाव लड़ने से रोकने और एक विशेष उम्मीदवार को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया गया। इस मुद्दे ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया और न्यायिक जांच की मांग की। कई नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में इस तरह की घटनाएं चिंताजनक हैं। एसडीएम डेराबस्सी से जब नामांकन रद्द करने का कारण पूछा गया, तो मौके पर कोई स्पष्ट लिखित जवाब नहीं दिया गया। प्रशासन ने इस मामले में विस्तृत स्पष्टीकरण देने के लिए अगले दिन का समय मांगा है। इलाके में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और पुलिस बल तैनात है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।

वार्ड नंबर 16 में वोट की स्थानांतरित

कांग्रेस उम्मीदवार कुलविंदर कौर ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी और उनके परिवार के सदस्यों की वोट बिना जानकारी दिए वार्ड नंबर 16 में स्थानांतरित कर दी गईं। इस घटना के बाद स्थानीय राजनीति में विवाद और तेज हो गया है। कुलविंदर कौर ने आरोप लगाया कि यह बदलाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक दबाव काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि चुनावी मैदान में उन्हें कमजोर करने और विरोधी पक्ष को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया। उन्होंने दावा किया कि वार्ड नंबर 19 से जुड़े एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया गया। उनके अनुसार, चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने के बजाय प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। समर्थकों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। कई स्थानीय नेताओं ने भी इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। कुलविंदर कौर ने कहा कि चुनाव आयोग और प्रशासन को इस पूरे मामले की पारदर्शी तरीके से जांच करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो निष्पक्ष चुनाव कराना मुश्किल हो जाएगा। यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। विपक्षी दल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

एसडीएम नहीं बता पाए कारण

कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह ढिल्लों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब एसडीएम डेराबस्सी से कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द करने का कारण पूछा गया, तो मौके पर कोई स्पष्ट लिखित जवाब नहीं दिया गया। इससे पूरे मामले को लेकर संदेह और बढ़ गया है। ढिल्लों ने आरोप लगाया कि यदि नामांकन रद्द करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होती, तो प्रशासन तुरंत लिखित कारण प्रस्तुत कर सकता था। उन्होंने कहा कि जवाब देने के लिए अगले दिन का समय मांगना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि कानूनी और जनआंदोलन दोनों स्तरों पर लड़ाई लड़ेगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखना लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है। दीपेंद्र सिंह ढिल्लों ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता अब घर-घर जाकर लोगों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देंगे। उनका उद्देश्य जनता को यह बताना है कि किस तरह चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन पर राजनीतिक दबाव के चलते विपक्षी उम्मीदवार को चुनावी मैदान से बाहर करने की कोशिश हुई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता का चुनावी व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो सकता है। पूरे मामले पर स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से अगले दिन दिए जाने वाले स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है, जबकि कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

Subscribe to Our Newsletter!

This will close in 0 seconds