दिल्ली में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों को लेकर जो खबरें चल रही थीं कि दाम दोगुने होकर 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से ऊपर पहुंच गए हैं — वो गलत साबित हुई हैं।
Indian Oil Corporation (IOC) ने साफ किया है कि असल में कीमतों में सिर्फ लगभग 8.5% की बढ़ोतरी हुई है। अब ATF की कीमत करीब 1.04 लाख रुपये प्रति किलोलीटर है।
क्या थी अफवाह
- पहले कहा जा रहा था कि जेट फ्यूल की कीमतें 100% से ज्यादा बढ़ गई हैं
- और दाम 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से पार पहुंच गए हैं

लेकिन सरकार और तेल कंपनियों ने इसे पूरी तरह गलत बताया है।
सरकार ने क्या कहा
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री
Ram Mohan Naidu Kinjarapu ने बताया कि:
- दुनिया में चल रहे ऊर्जा संकट और
- Strait of Hormuz जैसे अहम रास्ते के बंद होने की आशंका
की वजह से कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ने का खतरा था।
लेकिन सरकार ने समय रहते फैसला लेकर बढ़ोतरी को सीमित रखा।
सरकार का फैसला क्या है?
- घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में धीरे-धीरे (चरणबद्ध) बढ़ोतरी की जाएगी
- अभी केवल करीब 25% तक सीमित असर (लगभग 15 रुपये/लीटर) लागू किया गया है
- अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए कीमतें बाजार के हिसाब से तय होंगी
इससे क्या फायदा होगा?
- हवाई टिकट अचानक बहुत महंगे नहीं होंगे
- एयरलाइंस पर लागत का दबाव कम रहेगा
- उड़ान सेवाएं और कार्गो (सामान ढुलाई) जारी रहेंगी
- देश की अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा
जेट फ्यूल की कीमतों को लेकर फैली बड़ी बढ़ोतरी की खबरें गलत थीं। सरकार ने संतुलित फैसला लेकर दामों को नियंत्रण में रखा है, जिससे आम यात्रियों और एयरलाइंस दोनों को राहत मिलेगी।










