कानपुर के हाई प्रोफाइल लेम्बोर्गिनी एक्सीडेंट मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोपी शिवम मिश्रा के वकील मृत्युंजय कुमार ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि हादसे के वक्त कार शिवम मिश्रा नहीं, बल्कि उसका ड्राइवर चला रहा था।
वकील ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि भले ही यह मामला नॉन बेलेबल है, लेकिन बचाव पक्ष ने कोर्ट में अपना पक्ष रख दिया है। वकील ने साफ तौर पर इस बात से इनकार किया कि कार शिवम मिश्रा चला रहा था।
गौरतलब है कि शिवम मिश्रा, तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा है और उसी पर यह आरोप लगाया गया है कि उसने लापरवाही से लेम्बोर्गिनी कार चलाते हुए कई लोगों को टक्कर मार दी। यह हादसा रविवार दोपहर करीब 3:15 बजे कानपुर के ग्वालटोली थाना क्षेत्र में रेव थ्री के पास हुआ था।

हादसे में लेम्बोर्गिनी कार ने सड़क किनारे खड़े 6 से ज्यादा लोगों को टक्कर मार दी थी। इसके अलावा एक बाइक सवार को भी जोरदार टक्कर लगी, जिससे बाइक कार के नीचे आ गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और गुस्साए लोगों ने कार को घेर लिया। बाद में मौके पर मौजूद बाउंसरों ने ड्राइवर को सुरक्षित वहां से निकाल लिया।
हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार में सिर्फ एक ही व्यक्ति मौजूद था और वही ड्राइव कर रहा था। चश्मदीदों के मुताबिक, ड्राइवर की हालत ठीक नहीं लग रही थी। उसकी नाक और मुंह से खून निकल रहा था और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसे कोई दौरा पड़ रहा है। कार की रफ्तार ज्यादा नहीं थी, करीब 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा थी, लेकिन नियंत्रण खोने के कारण यह बड़ा हादसा हो गया।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सच सामने लाने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही कोर्ट में सुनवाई के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।










