Zirakpur पुलिस का बड़ा नशा नेटवर्क खुलासा

पंजाब पुलिस की “युद्ध नशों के विरुद्ध” मुहिम के तहत जीरकपुर पुलिस ने नशा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नोएडा से बड़ी मात्रा में नशीले प्रॉक्सीवॉन कैप्सूल बरामद किए हैं। मामले में एक केमिस्ट की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है। कुछ दिन पहले नाकाबंदी के दौरान संजय नामक आरोपी को 2400 नशीले कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड मिलने के बाद आरोपी ने नोएडा निवासी रवि कुशवाहा का नाम बताया। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने नोएडा पहुंचकर संबंधित केमिस्ट की दुकान और उसके घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों स्थानों से कुल 46 हजार नशीले प्रॉक्सीवॉन कैप्सूल बरामद किए। बरामदगी के बाद रवि कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि इन कैप्सूलों की सप्लाई उत्तर प्रदेश से अन्य राज्यों तक की जा रही थी। इस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि नशीले कैप्सूल कहां से खरीदे जाते थे, किन माध्यमों से उनकी सप्लाई की जाती थी और इस अवैध कारोबार में कितने लोग शामिल हैं। साथ ही संभावित सप्लाई चेन और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच लगातार जारी है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।

Noida से 46 हजार नशीले कैप्सूल बरामद

जीरकपुर पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कथित नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े नए तथ्य सामने आने लगे हैं। पुलिस के अनुसार शुरुआती पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने नोएडा निवासी एक व्यक्ति के बारे में अहम जानकारी दी, जिसके आधार पर विशेष टीम को उत्तर प्रदेश भेजा गया। वहां संदिग्ध ठिकानों पर की गई कार्रवाई में बड़ी मात्रा में नशीले कैप्सूल बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान एक केमिस्ट की दुकान और उससे जुड़े अन्य स्थानों की तलाशी ली गई। इस कार्रवाई में करीब 46 हजार प्रॉक्सीवॉन कैप्सूल बरामद किए गए। बरामदगी के बाद दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और पर्याप्त आधार मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड भी हासिल किया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में कैप्सूल की बरामदगी किसी संगठित सप्लाई नेटवर्क की ओर संकेत करती है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर इन कैप्सूलों की सप्लाई अलग-अलग राज्यों तक की जा रही थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा सप्लाई की पूरी श्रृंखला कैसे संचालित की जाती थी। पुलिस विभिन्न तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों तक पहुंचा जा सके। जांच टीम यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित रूप से इन दवाओं की खरीद किन स्रोतों से की जाती थी और उन्हें आगे किस माध्यम से भेजा जाता था। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और रिमांड के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है। पुलिस का दावा है कि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़कर इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश किए जाने के बाद चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से विस्तार से पूछताछ की जाएगी ताकि कथित नशा तस्करी नेटवर्क की पूरी संरचना का पता लगाया जा सके। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जाता था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान सप्लाई चेन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि नशीले कैप्सूल किन स्रोतों से प्राप्त किए जाते थे, उन्हें किन माध्यमों से विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया जाता था और इस पूरे कथित कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके साथ ही संभावित खरीदारों और वितरण से जुड़े अन्य संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि अब तक कथित तौर पर कितनी मात्रा में नशीले कैप्सूल अलग-अलग क्षेत्रों में भेजे गए। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे मामले की जांच और आगे बढ़ेगी। पुलिस ने बताया कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अन्य राज्यों की पुलिस और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि नेटवर्क से जुड़े सभी संदिग्धों तक पहुंचा जा सके और उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने कहा कि पंजाब पुलिस की “युद्ध नशों के विरुद्ध” मुहिम के तहत नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे कथित नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करना भी है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि उन्हें नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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