उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अचानक सचिवालय से सीधे देहरादून स्थित इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री की अचानक निरीक्षण से अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर की स्वच्छता, संचालन व्यवस्था, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा प्रबंधन का बारीकी से जायजा लिया।मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर फैली गंदगी देखकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ISBT जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता और व्यवस्थाओं में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई की, ताकि अधिकारियों को संदेश दिया जा सके कि स्वच्छता केवल कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।

धामी ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) और परिवहन विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ISBT परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हर स्थान पर स्वच्छता संबंधी सूचना-पट लगाए जाएं और सुनिश्चित किया जाए कि यात्रियों को कचरा, धूल और प्रदूषण-मुक्त वातावरण मिले।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि अगली बार निरीक्षण के दौरान यदि व्यवस्थाएँ पूरी तरह दुरुस्त नहीं मिलीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बसों की संचालन व्यवस्था, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, पेयजल सुविधा, शौचालय, दुकानों और सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उत्तराखंड एक प्रमुख पर्यटन और तीर्थ राज्य है, जहां प्रतिवर्ष करोड़ों पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य परिवहन केंद्रों पर उच्च स्तरीय सुविधा और स्वच्छता सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने ISBT में मौजूद यात्रियों से भी सीधे मुलाकात की। उन्होंने उनसे पूछा कि उन्हें राज्य की बसों और यात्रा का अनुभव और किन सुधारों की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने उनसे योजना और व्यवस्था सुधार के सुझाव भी मांगे।धामी ने इस दौरान घोषणा की कि राज्य सरकार पूरा प्रदेश जनसहभागिता आधारित स्वच्छता अभियान शुरू करने जा रही है।










