उत्तराखंड के टिहरी जिले में सोमवार दोपहर एक बड़ा और दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं से भरी एक टूरिस्ट बस अचानक अनियंत्रित होकर लगभग 70 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भयावह दुर्घटना में 5 लोगों की मौत हो गई जबकि 13 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। टिहरी के एसपी आयुष अग्रवाल ने हादसे की पुष्टि की है।ये घटना दोपहर करीब साढ़े 12 बजे की है। मिल रही जानकारी के अनुसार बस (UK14PA1769) ऋषिकेश के दयानंद आश्रम से 29 श्रद्धालुओं को लेकर कुंजापुरी मंदिर के दर्शन कराने गई थी। मंदिर से लौटते समय कुंजापुरी–हिंडोलाखाल के पास अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए, जिसके बाद ड्राइवर वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और बस गहरी खाई में जा गिरी।

कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार बस खतरनाक मोड़ पर पहुंचते ही तेज रफ्तार में अनियंत्रित होने लगी। ड्राइवर ने कई बार ब्रेक लगाने की कोशिश की लेकिन ब्रेक फेल हो चुके थे। बस सड़क किनारे लगी दीवार को तोड़ते हुए 70 मीटर नीचे जा गिरी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।कुछ ही देर में पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं। सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर SDRF की कुल 5 टीमें ढालवाला, कोटि कॉलोनी और मुख्यालय से तुरंत भेजी गईं।दुर्घटना की भयावहता इतनी थी कि शव बस के अंदर दबे मिले, जिन्हें काट-छांट कर निकाला गया।
घायलों में दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और पंजाब के यात्री शामिल हैं। इनमें से 6 की स्थिति अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों को AIIMS ऋषिकेश रेफर किया गया है, जबकि अन्य को श्री देव सुमन अस्पताल, नरेंद्रनगर में भर्ती कराया गया है।कुल 17 यात्रियों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ टीम ने मिलकर तेजी से रेस्क्यू शुरू किया।खाई की गहराई और बस की स्थिति को देखते हुए बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। SDRF के जवानों ने रस्सियों और स्ट्रेचरों की मदद से घायलों को खाई से ऊपर निकाला। कई यात्री सीटों में फंसे हुए थे, जिन्हें काटकर बाहर निकाला गया।
हाल के दिनों में उत्तराखंड में सड़क हादसों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कुंजापुरी–हिंडोलाखाल मार्ग संकरा और खतरनाक मोड़ों से भरा हुआ है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाने, सड़क चौड़ीकरण और साइनबोर्ड लगाने की मांग कर रहे हैं।यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर यात्रा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी करता है।










