Akhilesh Yadav ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की Yogi Adityanath सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर सवाल उठाए और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी की। अखिलेश यादव ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता का उदाहरण बताया। सपा प्रमुख ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और सरकार इस समस्या को नियंत्रित करने में असफल साबित हो रही है। उन्होंने इसे जनता के साथ अन्याय करार दिया। अपने बयान में अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राज्य का “सबसे असफल मुख्यमंत्री” तक बता दिया। उनके इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिजली संकट के पीछे जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों और मंत्रियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है। अखिलेश यादव ने मंत्री एके शर्मा का नाम लेते हुए बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि विभाग में सुधार की बजाय समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में अब “करंट नहीं बचा है”, जिससे उनका इशारा बिजली व्यवस्था और राजनीतिक प्रभाव दोनों पर था। वहीं दूसरी ओर, सरकार की तरफ से इस बयान पर अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश में गर्मी और बिजली संकट के बीच यह राजनीतिक बयानबाजी जनता के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जबकि विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है।
बिजली कटौती को लेकर साधा निशाना

यूपी में बिजली कटौती से परेशान लोग
उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है, जिससे आम जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है। तापमान लगातार बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसी बीच राजधानी लखनऊ समेत कई बड़े शहरों में बिजली कटौती की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। लोगों को दिन और रात दोनों समय बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। कानपुर, नोएडा, आगरा और मेरठ जैसे जिलों में भी बिजली आपूर्ति बाधित होने से हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। कई इलाकों में लंबे-लंबे कट लगाए जा रहे हैं। बिजली कटौती के कारण आम लोगों में नाराजगी साफ देखी जा रही है। गर्मी और उमस के बीच लगातार बिजली जाने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि लोगों ने सड़क पर उतरकर बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किए। इससे प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है। जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए कई Bharatiya Janata Party के विधायकों और सांसदों ने भी सरकार को पत्र लिखकर बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग की है। इन पत्रों में कहा गया है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली की स्थिति को तुरंत सुधारा जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। इस बीच मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित न हो और जरूरी इलाकों में निर्बाध बिजली सुनिश्चित की जाए। सरकार का कहना है कि गर्मी के इस चरम मौसम में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।