BREAKING

DelhiIndia

Stray Dogs: आवारा कुत्तों की गिनती जरूरी, बिना आंकड़े योजना नहीं बन सकती – विशेषज्ञ”

दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों की सही संख्या का पता लगाए बिना नगरपालिका अधिकारी आश्रय गृह या नसबंदी की योजना नहीं बना सकते। यह बात दिल्ली स्थित गैर-लाभकारी थिंक टैंक एसया सेंटर’ की रिपोर्ट में सामने आई है।

  • आवारा कुत्तों की संख्या के ठोस आंकड़े नहीं होने से पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) कार्यक्रम को सफल बनाना मुश्किल है।
  • यह कार्यक्रम पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023 के तहत काम करता है और इसका उद्देश्य कुत्तों की संख्या नियंत्रित करना, नसबंदी और टीकाकरण के जरिए मानव-संघर्ष कम करना है।
  • दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों की संख्या 3 लाख से 10 लाख तक आंकी जा रही है, लेकिन सटीक आंकड़े नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश:

  • 7 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अस्पताल और स्कूल जैसी जगहों पर कुत्तों के काटने की घटनाओं में बढ़ोतरी के कारण, इन कुत्तों को निर्धारित आश्रय गृह में ले जाना चाहिए
  • कोर्ट ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे से आवारा जानवर हटाए जाएं।

समुदाय की भूमिका:

एसया सेंटर की निदेशक मेघना बल ने कहा कि समुदाय के लोग गणना और निगरानी में मदद कर सकते हैं। लोग अपने आस-पास के कुत्तों का रजिस्टर बना सकते हैं और कार्यक्रम का समर्थन कर सकते हैं।
सटीक संख्या के बिना योजना बनाना मुश्किल है, इसलिए आवारा कुत्तों की गणना और निगरानी बेहद जरूरी है।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

Subscribe to Our Newsletter!

This will close in 0 seconds