भारत में मौसमी अस्थिरता ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। देश के विभिन्न हिस्सों में बर्फबारी, भारी बारिश और चक्रवाती तूफानों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सिक्किम में भारी बर्फबारी और दक्षिण भारत में तूफान ‘मोंथा’ ने जनजीवन, यातायात और बिजली व्यवस्था पर गंभीर असर डाला है।
सिक्किम में बर्फबारी और तापमान में गिरावट
भारत-चीन सीमा के नजदीकी क्षेत्रों में शुक्रवार को भारी बर्फबारी हुई, जिससे पूरे सिक्किम में तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान जीरो डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। नाथुला, कुपुप और त्सोम्गो झील (चांगू) के आसपास भारी से बहुत भारी बर्फबारी हुई।मौसम विभाग (IMD) ने सिक्किम में अगले 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने पर्यटकों और वाहन चालकों को ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा न करने की चेतावनी दी है। अधिकारियों के अनुसार, सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें लगातार बर्फ हटाने का कार्य कर रही हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार की बर्फबारी नवंबर के मध्य की तुलना में जल्दी आई है, जो जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकता है। हालांकि, कुछ पर्यटक इन प्राकृतिक ब दलावों का आनंद भी ले रहे हैं।
दक्षिण भारत में तूफान ‘मोंथा’ का कहर
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने भारी बारिश और तबाही मचाई।सिद्धिपेट जिले में एक दंपती की बाइक सहित उफनती धारा पार करते समय मौत हो गई। जंगांव जिले में एक महिला बहाव में बह गई, जबकि सुर्यापेट जिले में सड़क किनारे पेड़ गिरने से बाइक सवार की जान चली गई। महबूबाबाद जिले में दीवार गिरने से बुजुर्ग महिला की मृत्यु हुई और वारंगल में पानी घर में घुसने से एक वृद्ध की मौत हो गई।29 अक्तूबर की मूसलाधार बारिश से वारंगल, हनमकोंडा, महबूबाबाद, करीमनगर, खम्मम, भद्राद्री कोठागुडेम, नलगोंडा और सिद्धिपेट जिलों के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। अधिकारियों ने बताया कि कई लोग बाढ़ में लापता हैं।
पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश में शनिवार से दो दिनों तक भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। तवांग, पश्चिम कामेंग, लोअर सुबनसिरी और अंजॉ जिलों में अत्यधिक वर्षा की संभावना है। लोअर दिबांग वैली में भी भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। मौसम में सुधार की उम्मीद सोमवार से जताई गई है।

मौसम की बिगड़ती स्थिति से रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। छत्तीसगढ़ में कई ट्रेनें रूट बदलकर चल रही हैं और 29 घंटे तक लेट हो रही हैं, जिससे केरल, ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र और दिल्ली के यात्रियों को परेशानी हो रही है।
देश के विभिन्न हिस्सों में मौसमी बदलाव और असामयिक प्राकृतिक घटनाओं ने जनजीवन, बिजली व्यवस्था और यातायात को प्रभावित किया है। सिक्किम में बर्फबारी और दक्षिण भारत में तूफान ‘मोंथा’ ने खतरे की घंटी बजा दी है।