Raghav Chadha का बड़ा बयान AAP छोड़ने के बाद राजनीतिक हलचल तेज

Aam Aadmi Party से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपने पहले सार्वजनिक वीडियो संदेश में पार्टी छोड़ने के पीछे के कारणों को विस्तार से बताया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि AAP अब कुछ भ्रष्ट और समझौता कर चुके लोगों की पार्टी बनती जा रही है, जहां मूल सिद्धांतों से भटकाव दिखाई दे रहा है। राघव चड्‌ढा ने बताया कि AAP में जहरीला कार्य वातावरण बन गया था। उन्हें कार्य करने और बोलने में रोकाटोका किया जा रहा था। यह पार्टी अब चंद भ्रष्ट और समझौते करने वाले लोगों के नियंत्रण में रह गई है। ये लोग व्यक्तिगत लाभ के लिए काम करते हैं। राघव ने कहा कि मैं गलत हो सकता हूं, लेकिन जब कुल 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ी तो क्या सभी गलत हो गए। पहले भी जिन लोगों ने पार्टी छोड़ी, क्या वे भी गलत थे? मैं पार्टी का संस्थापक सदस्य रहा। जिस उद्देश्य से यह पार्टी बनाई गई थी, अब वह पार्टी नहीं रह गई। मेरे पास 3 विकल्प थे, मैंने पार्टी छोड़ना ही बेहतर समझा। राज्यसभा ने AAP के 7 सांसदों और BJP के मर्जर को मंजूरी दे दी है। अब राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, हरभजन सिंह भज्जी, डॉ. संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता को आधिकारिक रूप से बीजेपी के सांसद का दर्जा मिल गया है। अब राज्यसभा में बीजेपी के 113 सांसद हो गए हैं।

राघव चड्‌ढा के 6 प्रमुख पहलू

लोग BJP में शामिल होने का कारण जानना चाहते हैं: BJP जॉइन करने के बाद मेरे पास दोस्तों के कई मैसेज आए हैं। कुछ लोग मुझे बधाई दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग मेरे इस निर्णय के पीछे का कारण जानना चाह रहे हैं। इसलिए मैंने यह वीडियो बनाया है। यह उन लोगों के लिए भी है जिन्होंने मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं देखी, उन्हें इससे जानकारी मिल जाएगी। 15 वर्षों तक AAP को समय दिया, पर यह अब वही पार्टी नहीं है: राजनीति में आने से पहले मैं एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत था। मेरे पास एक शानदार करियर का अवसर था, लेकिन मैंने उसे छोड़कर राजनीति का मार्ग चुना। मेरा उद्देश्य यहां सिर्फ अपना करियर बनाना नहीं था। मैं एक राजनीतिक पार्टी का संस्थापक सदस्य बना। उस दल को मैंने अपनी युवा अवस्था के 15 साल समर्पित किए। अपने मेहनत से मैंने इस पार्टी को पोषित किया, लेकिन अब यह पार्टी पहले जैसी नहीं रह गई है।

कार्यस्थल का माहौल विषैला हो गया था: इस दल में आज विषैला (टॉक्सिक) कार्य वातावरण है। आपको कार्य करने से रोक दिया जाता है, सदन में बोलने से रोक दिया जाता है। यह राजनीतिक दल कुछ भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथों में फंस गया है, जो अब देश के लिए नहीं, बल्कि अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से मैं यह महसूस कर रहा था। शायद मैं सही व्यक्ति गलत दल में था। इसी वजह से मेरे सामने तीन विकल्प थे। 7 लोग गलत नहीं हो सकते: पहला विकल्प था कि मैं राजनीति छोड़ दूं। दूसरा, मैं इस पार्टी में बना रहूं और सुधारने की कोशिश करूं, जो कि नहीं हुआ। तीसरा, मैं अपनी ऊर्जा और अनुभव लेकर सकारात्मक राजनीति करूं। एक अन्य राजनीतिक दल के साथ जुड़कर सकारात्मक राजनीति करूं। इसलिए मैं अकेला नहीं हूं। मेरे साथ एक नहीं, दो नहीं, बल्कि चार नहीं, बल्कि 7 सांसदों ने यह निर्णय लिया है कि हम इस राजनीतिक पार्टी से अलग होते हैं। एक व्यक्ति गलत हो सकता है, दो व्यक्ति गलत हो सकते हैं, लेकिन सात व्यक्ति गलत नहीं हो सकते।

अगर ऑफिस का माहौल विषैला हो तो काम करना कितना संभव है: कई लोग और शिक्षित लोग इस पार्टी के साथ जुड़े थे, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी। क्या वे सभी गलत हो सकते हैं? आप इस तरह सोचिए, अगर आपके ऑफिस में टॉक्सिक माहौल बन जाए तो वहां काम करने वाले लोग कितनी उत्पादकता दिखा सकेंगे? अगर आपको काम करने से रोका जाता है, आपकी मेहनत को दबाया जाता है, और आपको चुप कर दिया जाता है, तो आप क्या करेंगे? उस स्थिति में उचित निर्णय यही है कि आप उस कार्यस्थल से बाहर निकल जाएं। शायद हमने भी यही किया। उत्साह से लोगों के विषयों को उठाते रहूंगा: राघव ने कहा- आप में से कुछ ने पूछा कि क्या मैं पूर्व की भांति आपके मुद्दों को उठाना जारी रखूंगा या नहीं। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि आपकी समस्याओं को ऊर्जा और उत्साह के साथ उठाता रहूंगा। अब उन समस्याओं के समाधान खोजने में भी सक्षम होंगे।

AAP सरकार के हटने पर केंद्र ने 3 सांसदों को सुरक्षा प्रदान की

आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 सांसदों में से तीसरे सांसद अशोक मित्तल को केंद्रीय सरकार ने Y सिक्योरिटी प्रदान की है। इससे पहले 26 अप्रैल को पंजाब की AAP सरकार ने पार्टी छोड़ चुके राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की Y श्रेणी सुरक्षा हटा दी थी। पंजाब पुलिस के जवानों को उनके जालंधर स्थित घर से तुरंत वापस ले लिया गया। इसके तुरंत बाद केंद्र सरकार ने हरभजन को CRPF की सुरक्षा मुहैया कराई। उनके घर के बाहर ये जवान अब तैनात हैं। हालांकि, भज्जी ने अभी AAP छोड़ने या BJP जॉइन करने के बारे में कुछ नहीं कहा, लेकिन राघव चड्‌ढा ने उनके साथ होने का दावा किया था। हरभजन से पहले, AAP सरकार ने राघव चड्‌ढा की Z+ सुरक्षा भी वापस ले ली थी। इसके बाद, उन्हें केंद्र से वही सुरक्षा मिल गई।

आम आदमी पार्टी (AAP) में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जहां 7 सांसदों द्वारा पार्टी छोड़ने की खबर ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। 24 अप्रैल को दिल्ली में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने दावा किया कि AAP के 10 में से 7 सांसद पार्टी से अलग हो रहे हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। इसी दिन शाम को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की खबर सामने आई। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिला और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई। अगले दिन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का समय मांगा। उन्होंने इस स्थिति पर चर्चा करते हुए राइट टू रिकॉल जैसे मुद्दों को भी उठाने की बात कही, हालांकि अभी तक उन्हें मिलने का समय नहीं मिला है। इसी बीच AAP सांसद संजय सिंह ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि केवल तीन सांसदों के भाजपा में जाने की पुष्टि हुई है, जबकि बाकी मामलों पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं, पंजाब में पिछले तीन दिनों से AAP सांसदों के आवासों के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जहां कुछ लोगों ने उन्हें “गद्दार” तक करार दिया है।

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