Noida में हाल ही में हुई हिंसा के मामले में जांच तेज हो गई है। दर्ज एफआईआर में आरजेडी की प्रियंका भारती और कंचना यादव का नाम भी शामिल किया गया है। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी वीडियो साझा कर माहौल को भड़काने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया पर नकली वीडियो के जरिए अफवाहें और डर फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. नोएडा का बताकर मध्य प्रदेश की एक पुरानी घटना को लेकर भ्रामक पोस्ट करने के आरोप में प्रियंका भारती, जितेंद्र कुमार दौसा सहित कई हैंडल पर मामला दर्ज हुआ है
Noida की साइबर थाना पुलिस ने 14 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया पर फर्जी और भड़काऊ वीडियो साझा करने के आरोप में जितेंद्र कुमार दौसा और प्रियंका भारती सहित कई यूजर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने 11 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश के शहडोल जिले का एक पुराना वीडियो नोएडा का बताकर साझा किया, जिसमें पुलिस एक व्यक्ति के साथ बर्बरता करते हुए नजर आ रही थी. इसके अलावा एक्स (ट्विटर) पर सेक्टर-62 में आगजनी का गलत वीडियो प्रसारित किया गया। इस व्यवस्थित साजिश का उद्देश्य नोएडा के लोगों में प्रशासन के प्रति संदेह और डर उत्पन्न करना था।
MP का वीडियो और Noida का उल्लेख
पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है कि जितेंद्र कुमार दौसा द्वारा फेसबुक पर डाला गया वीडियो वास्तव में मध्य प्रदेश के शहडोल का था, जहां एक शराबी बवाल मचा रहा था। आरोपीयों ने इसे नोएडा के श्रमिक बताकर गलत जानकारी दी ताकि लोगों को भड़काया जा सके। इसी प्रकार ‘ItsKtyni’ नामक एक्स हैंडल ने नोएडा के सेक्टर-62 में आगजनी का आरोप लगाया, जिसे पूरी तरह झूठा साबित किया गया. इन भ्रमित करने वाले पोस्ट्स के कारण शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में तनाव और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
नोएडा पुलिस ने झूठे वीडियो के माध्यम से फर्जी खबरें फैलाने के आरोप में जो FIR दर्ज की है, उसमें प्रियंका भारती और कंचना यादव के सोशल मीडिया अकाउंट्स का जिक्र किया गया है, जो जांच में RJD से संबंधित पाई गई हैं। पुलिस ने अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं जारी किया है।

मदरसन कंपनी के विवाद का लाभ उठाने का प्रयास
ये अफवाहें तब फैलाई गईं जब नोएडा के सेक्टर-1 और सेक्टर-6 में मदरसन कंपनी के कर्मचारी अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने संदीप पेपर मिल रोड को बाधित कर चिल्ला बॉर्डर पर ट्रैफिक जाम कर दिया था। भीड़ ने गुस्से में आकर कंपनी के गेट, सीसीटीवी कैमरे और सरकारी बैरियर्स को नष्ट कर दिया. प्रदर्शनकारियों द्वारा फेंके गए पत्थरों में उप-निरीक्षक योगेंद्र सिंह घायल हो गए। साजिशकर्ताओं ने इसी प्रदर्शन के तहत दूसरे राज्यों के हिंसक वीडियो साझा कर शहर मंय दंगा जैसी स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया।
पुलिस का सख्त कदम और FIR
Noida पुलिस ने इस मामले में 12 नामजद व्यक्तियों और लगभग 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि यह सामान्य त्रुटि नहीं है, बल्कि कानून-व्यवस्था को खराब करने का एक पूर्वनियोजित परिदृश्य था. प्रियंका भारती, डॉ. कंचना यादव और जितेंद्र कुमार दौसा जैसे नामित आरोपियों ने इलेक्ट्रॉनिक साधनों के माध्यम से आतंक और अराजकता फैलाने का प्रयास किया है. पुलिस अब उन सभी संबंधों को एकत्र कर रही है जो इस गलतफहमी को बनाने और लोगों को उत्तेजित करने में शामिल हैं।
जनता से शांति की गुहार
अफवाहों की वजह से रेहड़ी-पटरी के विक्रेताओं और राहगीरों में हड़कंप मच गया था, जिसे पुलिस ने तुरंत नियंत्रण में किया। अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर किसी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई की पुष्टि अवश्य करें। नोएडा पुलिस लगातार भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वाले सभी हैंडल्स की निगरानी कर रही है। प्रशासन ने यह चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक शांति को खतरा पहुंचाएगा तो उसे नहीं छोड़ा जाएगा और उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती रहेगी।