इसके अलावा, महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी पार्टी गंभीर नजर आ रही है। चर्चा है कि भाजपा इस बार किसी आदिवासी महिला नेता को राज्यसभा भेज सकती है, ताकि सामाजिक और लैंगिक संतुलन दोनों को साधा जा सके। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस चुनाव के जरिए केवल राजनीतिक जीत ही नहीं, बल्कि सामाजिक समीकरणों को भी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। यही वजह है कि उम्मीदवार चयन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भोपाल में पार्टी स्तर पर कई वरिष्ठ नेताओं के नामों पर विचार किया जा रहा है, जबकि दिल्ली में भाजपा आलाकमान अंतिम सूची पर मंथन कर रहा है। माना जा रहा है कि अगले एक से दो दिनों में पार्टी अपने उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर सकती है। नामांकन प्रक्रिया 1 से 8 जून तक चलने वाली है, ऐसे में सभी दल अपने-अपने प्रत्याशियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। भाजपा की ओर से भी जल्द ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
नरोत्तम मिश्रा, कैलाश विजवयर्गीय का नाम
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी की तरफ से दिल्ली में जो पैनल भेजा गया है. उसमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नरोत्तम मिश्रा का नाम भी शामिल है. चर्चा है कि कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर से राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री कर सकते हैं. वह फिलहाल मोहन सरकार में सीनियर मंत्री हैं. लेकिन पिछले दिनों उनकी मुलाकात दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हुई थी. जिसके बाद से ही उनके दिल्ली जाने की अटकलें लगना शुरू हो गई है. इसी तरह पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भी राज्यसभा की रेस में तेजी से सामने आया है. लंबे समय से उनको बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है. सियासी गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी अगर सवर्ण चेहरे पर दांव लगाती है तो फिर नरोत्तम मिश्रा का नाम भी सामने आ सकता है.

इन नेताओं की भी दावेदारी
इसके अलावा पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया का नाम भी राज्यसभा की रेस में शामिल है. उन्हें भी पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा अक्सर सामने आती रहती है. वहीं पूर्व सांसद जीएस डामोर, महिला कोटे से पूर्व मंत्री रंजना बघेल के अलावा कांतादेव सिंह और अखंड प्रताप सिंह का नाम भी भेजा गया है. इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ से झाबुआ के जनजातीय क्षेत्र में लगातार काम करने वाले महेश शर्मा का नाम भी राज्यसभा के संभावित उम्मीदवारों के नामों में शामिल है.
सुमेर सिंह सोलंकी और लाल सिंह आर्य भी दावेदार
चर्चा यह भी है कि भाजपा डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी को फिर से रिपीट कर सकती है. वह बीजेपी में आदिवासी वर्ग के युवा चेहरे हैं और तेजी से उभरे हैं. बीजेपी के राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष लाल सिंह आर्य का नाम भी राज्यसभा की रेस में शामिल है. लाल सिंह आर्य 3 बार भिंड जिले की गोहद सीट से विधायक रहे हैं और मंत्री भी रह चुके हैं. इस सबके अलावा बीजेपी आखिरी वक्त में कोई ऐसा नाम भी सामने ला सकती है. जिसमें सब चौंक भी सकते हैं.
तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारेगी भाजपा
एमपी के सियासी गलियारों में पहले इस बात की चर्चा भी तेज थी कि पार्टी तीसरा उम्मीदवार भी उतार सकती है. लेकिन बताया जा रहा है कि भाजपा फिलहाल तीसरी राज्यसभा सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारेगी. बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी नेताओं को बयानबाजी नहीं करने की सलाह दी है. दरअसल, कांग्रेस के पास फिलहाल पर्याप्त संख्याबल नजर आता है और पार्टी के सभी नेता भी राज्यसभा के लिए एक्टिव हैं. जिससे भाजपा दोनों सीटों पर फोकस कर रही है.










