Maharashtra में राज्यसभा की एक रिक्त सीट को भरने के लिए उपचुनाव की घोषणा कर दी गई है। यह सीट सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसके चलते चुनाव आयोग ने नई तारीख तय की है। महाराष्ट्र राज्यसभा उपचुनाव 18 जून को आयोजित किए जाएंगे। इस चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में तैयारियां तेज हो गई हैं। यह सीट तब खाली हुई जब सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद यह पद औपचारिक रूप से रिक्त घोषित किया गया। बताया जा रहा है कि सुनेत्रा पवार ने बारामती विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल करने के बाद यह निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी। उनका कार्यकाल मूल रूप से 4 जुलाई 2028 तक चलना था, लेकिन बीच में ही इस्तीफा देने के कारण यह कार्यकाल पूरा नहीं हो सका। इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग ने नियमों के अनुसार उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी और मतदान की तिथि घोषित की। राजनीतिक हलकों में इस सीट को लेकर चर्चा तेज है, क्योंकि यह राज्यसभा की महत्वपूर्ण सीटों में से एक मानी जाती है। विभिन्न राजनीतिक दल अब अपने उम्मीदवारों के चयन और रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपचुनाव महाराष्ट्र की राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकता है, खासकर राज्य स्तर की राजनीति में।
राज्यसभा में सुनेत्रा पवार की पदवी कौन संभालेगा?
महाराष्ट्र में राज्यसभा की रिक्त सीट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। यह सीट सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसके बाद अब सभी दलों की नजर उपचुनाव पर टिकी हुई है। इस सीट के लिए 18 जून को मतदान होना तय किया गया है। चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद राजनीतिक समीकरणों में भी हलचल बढ़ गई है। सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद से ही यह सवाल उठ रहा था कि उच्च सदन में उनकी जगह किसे भेजा जाएगा। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चा चल रही है। इस्तीफे के बाद जब 6 मई को इस मुद्दे पर चर्चा हुई, तो एनसीपी नेता छगन भुजबल से संभावित उम्मीदवार के बारे में सवाल किया गया था। उस समय उन्होंने स्पष्ट किया था कि पार्टी की ओर से अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। भुजबल ने यह भी कहा था कि इस विषय पर न तो कोई आधिकारिक बातचीत हुई है और न ही किसी नाम पर सहमति बनी है। इससे यह साफ हुआ कि पार्टी अभी विचार-विमर्श की प्रक्रिया में है। इसी बीच कई संभावित नामों को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि पार्टी विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार सुनेत्रा पवार के छोटे बेटे जय पवार का नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल बताया जा रहा है। इसके अलावा छगन भुजबल, आनंद परांजपे, अविनाश अड़िक और विक्रम काकडे जैसे नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, और पार्टी स्तर पर निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपचुनाव केवल एक सीट का नहीं बल्कि महाराष्ट्र की राजनीतिक रणनीति और शक्ति संतुलन का भी संकेत देगा।

महाराष्ट्र समेत 23 अन्य सीटों पर उपचुनाव
चुनाव आयोग ने राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसके तहत 18 जून को देश के 10 राज्यों में कुल 24 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इन 24 सीटों में महाराष्ट्र की एक महत्वपूर्ण राज्यसभा सीट भी शामिल है, जिस पर सभी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर विस्तृत कार्यक्रम भी जारी किया गया है। इसके अनुसार, आधिकारिक नोटिफिकेशन 1 जून को जारी किया जाएगा। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद उम्मीदवारों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित की गई है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 9 जून को सभी दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी। स्क्रूटनी के बाद उम्मीदवारों को अपना नाम वापस लेने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए अंतिम तारीख 11 जून तय की गई है। इसके बाद अंतिम उम्मीदवार सूची तैयार की जाएगी और चुनावी मुकाबला स्पष्ट हो जाएगा। मतदान प्रक्रिया 18 जून को सुबह 9:00 बजे से शुरू होगी और शाम 5:00 बजे तक चलेगी। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद उसी दिन शाम को मतगणना शुरू की जाएगी और कुछ ही समय में परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।