ऋषभ पंत के लिए IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 किसी Nightmare से कम नहीं था. पंत का न तो बल्ला चला और न ही उनकी कप्तानी में ताकत नजर आई. अब ऐसा प्रतीत होता है कि लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) भी उनके समक्ष आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है। पंजाब किंग्स (PBKS) से हार के बाद एलएसजी पॉइंट्स टेबल में अंतिम स्थान पर आ गई. इसके तुरंत बाद टीम के क्रिकेट निदेशक टॉम मूडी ने ऐसा बयान जारी किया, जिसने ऋषभ पंत की कप्तानी पर गंभीर प्रश्न उठाया। टॉम मूडी ने स्पष्ट तौर पर बताया कि फ्रेंचाइजी अब टीम की लीडरशिप पर गंभीरता से सोचने वाली है और अगले सीजन से पहले महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं. संजीव गोयनका की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स अगले सीजन से पहले पंत के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।

टॉम मूडी ने कौन सा बयान जारी किया?
टॉम मूडी ने कहा, ‘हम पूरे सीजन के दौरान संयम से विचार करेंगे। हमने अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं किया। टीम की नेतृत्व शैली भविष्य में किस प्रकार की होगी, इस पर ध्यान से विचार करना होगा. अब ऐसा प्रतीत होता है कि हमें एक रीसेट की आवश्यकता है। यानि यह स्पष्ट है कि एलएसजी प्रबंधन अब केवल टीम संयोजन ही नहीं, बल्कि कप्तानी ढांचे पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए तैयार है। आईपीएल 2026 में ऋषभ पंत पूरी तरह से चुनौती का सामना करते दिखे। बड़े मैचों में उनकी बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों ने कोई प्रभाव नहीं डाला। एलएसजी के पास अनुभवी विदेशी खिलाड़ियों, मैच जीतने वाले भारतीय सितारों और युवा प्रतिभाओं की कमी नहीं थी, लेकिन टीम पूरे सत्र में बिखरी हुई नजर आई। कई खेलों में कप्तानी निर्णयों पर विवाद उत्पन्न हुआ और टीम दबाव में कमजोर दिखी. सबसे महत्वपूर्ण यह था कि ऋषभ पंत अपने बल्लेबाजी फॉर्म को हासिल करने में असफल रहे। पंत ने इस आईपीएल सीजन में 13 पारियों में 28.36 की औसत से 312 रन बनाये हैं। इस अवधि में वे केवल 2 अवसरों पर अर्धशतक का आंकड़ा تجاوز कर सके। यह कारण है कि अब उनकी स्थिति और कप्तानी दोनों पर संकट उत्पन्न होने लगा है। ऋषभ पंत के लिए चुनौतियाँ केवल आईपीएल तक ही नहीं हैं. हाल ही में उन्हें भारत की व्हाइट-बॉल टीम से अफगानिस्तान सीरीज के लिए ड्रॉप किया गया इसके अतिरिक्त टेस्ट क्रिकेट में भी उन्हें बड़ा झटका लगा, जब भारतीय टीम की उप-कप्तानी का कार्यभार केएल राहुल को दे दिया गया। दिलचस्प यह है कि राहुल पहले एलएसजी के कप्तान रहे हैं और एलएसजी के खराब सीजन के बाद सोशल मीडिया पर यह बहस बढ़ गई है कि क्या फ्रेंचाइजी फिर से किसी अनुभवी भारतीय कप्तान की खोज करेगी?