Uttar Pradesh की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला समाजवादी पार्टी के एक विधायक और बॉलीवुड अभिनेत्री व भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। आरोप है कि विधायक द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सपा विधायक राकेश कुमार वर्मा द्वारा कथित तौर पर कंगना रनौत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का दावा किया गया। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा और इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई। इस मामले में शिकायत भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अंशुमान सिंह द्वारा दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विधायक द्वारा की गई टिप्पणी महिला सांसद की गरिमा के खिलाफ है और इससे सामाजिक तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और प्रारंभिक कार्रवाई के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सके। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। इसमें शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान से जुड़ी धाराएं भी शामिल हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी डिजिटल सबूतों को खंगाला जा रहा है। वहीं, राजनीतिक स्तर पर भी इस घटना को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर दर्ज की एफआईआर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के विधायक राकेश कुमार वर्मा द्वारा कथित तौर पर अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस घटना ने राज्य की सियासत में नई बहस को जन्म दे दिया है। यह मामला तब चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर विधायक से जुड़ा एक पोस्ट वायरल होने लगा। इस पोस्ट में कंगना रनौत का नाम लिए जाने को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप लगाए गए हैं। जैसे ही यह मामला सामने आया, इसे लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। मामले को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया कि इस तरह की टिप्पणी से सार्वजनिक जीवन में गलत संदेश जाता है और यह महिला सम्मान के खिलाफ भी माना जा सकता है। शिकायत के आधार पर पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से वायरल पोस्ट और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सके। इसके बाद संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों ही स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है |


प्रतापगढ़ की रानीगंज विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं राकेश कुमार वर्मा
राकेश कुमार वर्मा वर्तमान में प्रतापगढ़ की रानीगंज विधानसभा सीट के विधायक हैं और इन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। इसके पहले उन्होंने अपनी पार्टी के टिकट पर विश्वनाथगंज से दो बार विधायक का चुनाव जीता है। साल 2022 के चुनाव में राकेश वर्मा ने सपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और वर्तमान विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा को पराजित किया था। बीजेपी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने इस मामले में पुलिस को एक शिकायत प्रदान की। शिकायत में कहा गया कि सपा विधायक ने एक महिला सांसद के लिए अनुचित और आपत्तिजनक बयान दिया है, जो सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकता है। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने जांच आरंभ की और प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य डिजिटल सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है। इस मामले में राकेश कुमार वर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 के तहत मामला दर्ज हुआ है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की अन्य संबंधित धाराएं भी लागू की गई हैं।