Iran और United States वार्ता विफल, तनाव बढ़ा और परमाणु मुद्दे पर टकराव जारी

Iran और United States के बीच करीब 21 घंटे तक चली लंबी बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई जिससे वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई अमेरिकी पक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति ने दावा किया कि Donald Trump प्रशासन ने ईरान को अब तक का सबसे बेहतर प्रस्ताव दिया था लेकिन ईरान ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया वहीं ईरान की ओर से कहा गया कि अमेरिका की शर्तें बेहद सख्त और एकतरफा थीं जिन्हें मानना उनके हित में नहीं है ईरान ने यह भी संकेत दिया कि बातचीत में संतुलन की कमी रही और दबाव की रणनीति अपनाई गई इस वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है और आने वाले समय में नए कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत महसूस की जा रही है |

IranUnited States वार्ता विफल, शर्तों पर नहीं बनी सहमति

पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति संबंधी बातचीत असफल रही। यह बातचीत 21 घंटे से अधिक समय तक चली। रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर विवाद बना हुआ है।

वेंस अपनी टीम के साथ अमेरिका के लिए निकल चुके हैं। लौटने से पहले उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने बताया कि अमेरिका बिना किसी डील के वापस आ रहा है। यह अमेरिका से अधिक ईरान के लिए नकारात्मक समाचार है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सौदे के लिए आवश्यक है कि ईरान यह सुनिश्चित करे कि वह परमाणु अस्त्र नहीं बनाएगा। अमेरिका की शर्तें स्पष्ट थीं, लेकिन ईरान ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।

वेंस ने यह भी बताया कि भविष्य में समझौते की संभावनाएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा, “हम उन्हें बेहतरीन प्रस्ताव देकर बढ़ रहे हैं। अब यह देखना है कि ईरान इसे स्वीकार करता है या नहीं।”

वहीं, ईरान ने बताया कि अमेरिका की मांगे अत्यधिक कठोर थीं। इस कारण से समझौते का रास्ता नहीं बन सका।

पिछले 24 घंटे के 5 मुख्य अपडेट्स

पाकिस्तान में वार्ता असफल: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद में ईरान के साथ चर्चा का कोई परिणाम नहीं निकला। वेंस ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास चाहिए कि ईरान न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही ऐसी कार्रवाई करेगा जिससे वह जल्द हथियार बना सके।

अमेरिका ने माइन निष्कासन का कार्यक्रम शुरू किया: अमेरिकी सेना के सेंटकॉम (CENTCOM) का कहना है कि अमेरिकी नौसेना के जहाज समुद्री मार्ग की रक्षा के लिए तैयार हैं। आरोप है कि ईरान ने इस महत्वपूर्ण जल मार्ग में माइनें रखी हैं।

नेतन्याहू ने कहा- ऑपरेशन अभी समाप्त नहीं हुआ: इजराइल के प्राइम मिनिस्टर बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अब भी जारी है। उनका कहना है कि ये हमले इसलिए किए गए क्योंकि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब पहुंच गया था। उन्होंने यह भी कहा कि इन कार्यवाहियों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गंभीर नुकसान हुआ है।

इमोशनल संदेश: ईरानी संसद के अध्यक्ष गालिबाफ ने शुक्रवार रात विमान में बच्चों की तस्वीरें लेकर पाकिस्तान का दौरा किया। ये बच्चे 28 फरवरी को मिसाइल हमले में मृतक पाए गए थे। इसके लिए अमेरिका-इजराइल को जिम्मेदार ठहराया गया था।

लेबनान में हमलों का सिलसिला जारी: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, तुफाहता क्षेत्र में हुए हमलों में 9 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 5 की स्थिति नाजुक है।

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