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INDIA-CHINA संबंधों का नया अध्याय 5 साल बाद फिर शुरू हुई भारत-चीन की सीधी उड़ानें, कोलकाता से ग्वांगझू के लिए उड़ी

भारत और चीन के बीच लंबित पांच सालों के अंतराल के बाद अब सीधी हवाई उड़ानें शुरू हो चुकी हैं।जिसे दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रविवार, 26 अक्टूबर 2025 को कोलकाता से ग्वांगझू के लिए पहली उड़ान रवाना हुई, जिसे इंडिगो एयरलाइन ने संचालित किया। इस ऐतिहासिक पल को लेकर कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विशेष उत्सव और पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह का आयोजन किया गया।इंडिगो एयरलाइन ने अक्तूबर की शुरुआत में घोषणा की थी कि वह कोविड-19 महामारी और 2020 में गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प के कारण निलंबित सीधी उड़ानों को पुनः शुरू करने वाली पहली एयरलाइनों में से एक होगी। एयरलाइन ने बताया कि कोलकाता और ग्वांगझू के बीच प्रतिदिन नॉन-स्टॉप उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके अलावा, दिल्ली और ग्वांगझू के बीच उड़ानें 10 नवंबर से और दिल्ली-शंघाई मार्ग पर 9 नवंबर से शुरू होंगी। इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि यह उड़ान न केवल व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत-चीन के बीच लोगों के आपसी संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में भी सहायक साबित होगी।

सीधी उड़ानों का राजनीतिक और कूटनीतिक महत्व

चीन के उप-कॉन्सुल जनरल, किन योंग ने इस ऐतिहासिक उड़ान की शुरुआत को भारत-चीन संबंधों के लिए “बहुत महत्वपूर्ण दिन” बताया। उन्होंने कहा कि पांच सालों के निलंबन के बाद उड़ानों की बहाली द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ा सुधार है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हाल ही में हुई बैठक का पहला सकारात्मक परिणाम है।किन योंग ने आगे कहा, “भारत और चीन दोनों BRICS, SCO और ग्लोबल साउथ जैसे महत्वपूर्ण मंचों के सदस्य हैं। प्रतिस्पर्धा से अधिक सहयोग पर ध्यान देना समय की मांग है। आज की उड़ान इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है।”

कोलकाता: पूर्वी भारत का अंतरराष्ट्रीय हब

कोलकाता एयरपोर्ट के डायरेक्टर डॉ. पी.आर. बियूरिया ने कहा कि यह उड़ान पूर्वी भारत को अंतरराष्ट्रीय हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई हैं और यह सेवा अब नियमित रूप से संचालित होगी।डॉ. बियूरिया ने यह भी कहा कि यह उड़ान सिर्फ यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत-चीन के बीच विश्वास और संवाद की बहाली का प्रतीक भी है। कोविड-19 महामारी और सैन्य तनावों के कारण बढ़ी दूरी को कम करने में यह पहल अहम साबित होगी।

उड़ान का विवरण

इंडिगो की फ्लाइट 6E1703 रविवार रात 10:07 बजे कोलकाता से रवाना हुई और सुबह 4:05 बजे ग्वांगझू बैयुन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची। इस ऐतिहासिक उड़ान में लगभग 176 यात्री सवार थे। रवाना होने से पहले हवाई अड्डे पर भारतीय और चीनी अधिकारियों की मौजूदगी में पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह आयोजित किया गया।सीधी उड़ानों की बहाली का उद्देश्य केवल यात्री परिवहन नहीं बल्कि व्यापार और पर्यटन संबंधों को पुनर्जीवित करना भी है। पिछले पांच सालों में ठप्प पड़े संपर्क अब फिर से बहाल हो रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, लोगों का मानना है कि कोलकाता-ग्वांगझू मार्ग का नियमित संचालन पूर्वी भारत के लिए एक बड़ी संभावनाओं की खिड़की खोलेगा और यह क्षेत्रीय व्यापारिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है।

इस ऐतिहासिक कदम को देखते हुए कहा जा सकता है कि भारत और चीन के बीच पांच साल बाद बहाल हुई सीधी उड़ानें न केवल वाणिज्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह द्विपक्षीय संबंधों में नई गर्माहट और विश्वास का प्रतीक भी हैं।

 

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