हरियाणा में सीनियर IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार के सुसाइड मामले ने पूरे राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर हलचल मचा दी है। मामला अब तक सिर्फ पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि IAS और IPS अधिकारियों के बीच भी विवाद और तनाव का कारण बन गया है।
ब्यूरोक्रेसी में तनाव
इस मामले के बाद हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी में तनावपूर्ण माहौल बन गया है। कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों ने IPS अधिकारी की पत्नी, IAS अमनीत पी. कुमार के पक्ष में समर्थन व्यक्त किया है। उनके समर्थन में IAS अधिकारी उनकी हर मांग—जिसमें DGP शत्रुजीत कपूर और रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया को हटवाने की मांग भी शामिल है ।अधिकारीर उनके लिए आवाज उठा रहे हैं।

पोस्टमॉर्टम और परिवार का विरोध
5 अक्तूबर को हुई IPS वाई पूरन कुमार की मौत के बाद उनकी बॉडी सेक्टर 16 सरकारी अस्पताल से आज PGI शिफ्ट की गई। परिवार का आरोप है कि यह प्रक्रिया उनकी मर्जी के बिना की गई है। अमनीत पी. कुमार के भाई और आम आदमी पार्टी के विधायक अमित रतन ने कहा कि “जबर्दस्ती डेडबॉडी PGI ले गए। पांच दिन हो गए, लेकिन हमें न्याय नहीं मिला।”
हालांकि, बाद में हरियाणा की होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा और अमनीत पी. कुमार के बीच हुई एक घंटे लंबी बैठक के बाद पोस्टमॉर्टम पर सहमति बन गई। DGP सागर प्रीत हुड्डा, IG पुष्पेंद्र कुमार और SSP कंवरदीप कौर ने भी परिवार से बातचीत कर पोस्टमॉर्टम के लिए सहमति
FIR और SIT की स्थापना
चंडीगढ़ पुलिस ने अमनीत पी. कुमार की शिकायत पर 15 वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें 3 IAS और 12 IPS अधिकारियों के नाम शामिल हैं। FIR में DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
चंडीगढ़ DGP बोले- परिवार के पॉइंट्स पर विचार कर रहे
IAS अफ़सर पूरन कुमार के मामले में उनके परिवार से मुलाकात के बाद चंडीगढ़ के DGP सागर प्रीत हुड्डा ने कहा कि PGI में पोस्टमॉर्टम के लिए विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया गया है। इस बोर्ड में मजिस्ट्रेट, फोरेंसिक विशेषज्ञ और वरिष्ठ डॉक्टर शामिल होंगे।
DGP ने बताया कि पोस्टमॉर्टम की पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के साथ की जाएगी और केवल परिवार की सहमति मिलने के बाद ही इसे अंजाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “परिवार के जो भी मुद्दे हैं, उन पर विचार किया जा रहा है।”
साथ ही DGP ने पुष्टि की कि मामले की जांच SIT (Special Investigation Team) द्वारा जारी है।इस मामले की जांच के लिए IG पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में 6 सदस्यीय SIT बनाई गई है। SIT में SSP कंवरदीप, SP सिटी एम प्रियंका, DSP चरणजीत विर्क, DSP गुरजीत कौर और Inspector जयवीर राणा शामिल हैं।

हरियाणा सरकार ने नरेंद्र बिजारणिया को हटाकर सुरेंद्र सिंह भौरिया को रोहतक का SP लगा दिया है।
सुरक्षा और प्रशासनिक कार्रवाई
पूरन कुमार के सरकारी आवास पर 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यह कदम उनकी पत्नी की मांग के मद्देनजर लिया गया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शुक्रवार रात को कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा के साथ बैठक कर DGP शत्रुजीत कपूर और SP बिजारणिया पर कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश दिए। पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों अधिकारियों को हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
पूरन कुमार की मौत पर राजनीति भी गर्म हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। केजरीवाल ने कहा कि दलित IPS अधिकारी को अपनी जाति को लेकर इतना उत्पीड़न झेलना पड़ा कि उन्होंने आत्महत्या की।

नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स (NCSC) ने भी इस केस को संज्ञान में लेते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव और DGP से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने सात दिन में सभी आरोपियों के नाम, FIR संख्या, तारीख और आरोपियों की गिरफ्तारी सहित कार्रवाई की जानकारी देने को कहा है।
भविष्य की संभावनाएं
इस मामले के बढ़ते तूल को देखते हुए हरियाणा सरकार ने दो ADGP स्तर के अधिकारियों को DGP रैंक देने की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि शत्रुजीत कपूर के स्थान पर ओपी सिंह, आलोक मित्तल और अरशिंद्र सिंह चावला में से कोई एक कार्यवाहक DGP बन सकते हैं।
पूरन कुमार केस ने न केवल हरियाणा प्रशासन को हिला कर रख दिया है, बल्कि दलित अधिकारों, सरकारी कार्रवाई और कानून व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा किया है। इस मामले की निगरानी अब राज्य और केंद्र स्तर दोनों जगह से की जा रही है, और आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल जारी रहने की संभावना है।










