पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास बंद कार से तीन शव मिलने की घटना ने पूरे एनसीआर को झकझोर दिया। मामले की जांच में पुलिस ने कथित तांत्रिक कमरुद्दीन को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं..दिल्ली पुलिस की टीम आरोपी को लोनी स्थित उसके घर लेकर पहुंची, जहां घर के अंदर बने मंदिर और आसपास के परिसर की गहन तलाशी ली गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और आरोपी को मीडिया से दूर रखा गया। घटनास्थल के पास भी पूछताछ की गई..पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने तीनों मृतकों—रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी—को लोनी से अपनी कार में बैठाया। उन पर ‘धनवर्षा’ और तंत्र-मंत्र के जरिए चमत्कार कराने का झांसा दिया गया। आरोप है कि उन्हें सल्फास और नींद की गोलियां मिलाकर तैयार किए गए लड्डू खिलाए गए, जिससे उनकी मौत हो गई।
72 वर्षीय कमरुद्दीन, जो खुद को ‘पीर बाबा’ या ‘मौलाना’ बताता था, ने पूछताछ में अब तक आठ हत्याओं में संलिप्तता का दावा किया है। इनमें दिल्ली का ताजा मामला, फिरोजाबाद में कथित डबल मर्डर और अन्य राज्यों से जुड़े मामले शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है।

अंधविश्वास का जाल और शोषण के आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ‘जिन्न बुलाने’, ‘चमत्कार’ और ‘धनवर्षा’ का लालच देकर लोगों को फंसाता था। महिलाओं को जिन्न का डर दिखाकर यौन शोषण के आरोप भी सामने आए हैं। उसके घर से तंत्र-मंत्र का सामान, कथित जादू-टोने की किताबें, युवतियों की तस्वीरें और धनवर्षा से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
लूट बना हत्या का मकसद?
दिल्ली पुलिस का प्राथमिक आकलन है कि हत्याओं के पीछे लूट की मंशा हो सकती है। लोनी में तलाशी के दौरान अतिरिक्त साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आगे और खुलासे संभव हैं।
यह मामला अंधविश्वास, ठगी और क्रूर अपराध के खतरनाक गठजोड़ को उजागर करता है। पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में चार्जशीट के साथ कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।









