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DELHI ब्सास्ट केस में NIA ने किया सातवें आरोपी को गिरफ्तार, माननीय पटियाला हाउस कोर्ट में किया गया पेश,NIA को मिली शोएब की 10 दिन की रिमांड

दिल्ली ब्लास्ट केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहम्मद शोएब (Mohammad Soyab) को गिरफ्तार कर लिया है। NIA ने शोएब को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है।शोएब बार-बार अपने ठिकाने बदल रहा था, लेकिन आज NIA ने उसे गिरफ्तार कर एक ओर सफलता हासिल की। शोएब पर आरोप है कि उसने सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर उन नबी (Umar Nabi) को न केवल शरण दी, बल्कि उसे विस्फोटक सामग्री जुटाने और दिल्ली पहुंचने में मदद भी की। जांच एजेंसी का मानना है कि शोएब व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का हिस्सा भी हो सकता है।

NIA की जांच में सामने आया है कि शोएब ने ही उमर नबी को हरियाणा के नूंह में अपनी साली अफसाना के घर में किराये पर कमरा दिलवाया था।दिल्ली ब्लास्ट (10 नवंबर 2025) से पहले उमर करीब 10 दिन तक इसी घर में छिपकर रहा और धमाके वाले दिन नूंह से ही दिल्ली पहुंचा था।यह गिरफ्तारी दिल्ली ब्लास्ट केस में सातवीं गिरफ्तारी है।मिली जानकारी के अनुसार शोएब ने उमर को विस्फोटक सामग्री मुहैया करवाई थी।दिल्ली पहुंचने के लिए सुरक्षित रास्ते बताए थे।NIA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शोएब की गिरफ्तारी से एजेंसी को उमर को समर्थन देने वाले पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में मदद मिलेगी।एजेंसी को संदेह है कि यह मॉड्यूल कई राज्यों में फैला हुआ है और इसमें पढ़े-लिखे युवाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

जांच में पता चला है कि डॉ. आदिल अहमद और डॉ. शाहीन सईद के भी उमर नबी से घनिष्ठ संबंध थे।आदिल कई बार अल-फलाह यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में उमर से मिलने आता था और वहीं उसकी मुलाकात मुजम्मिल शकील और शाहीन से हुई थी।26 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में सहारनपुर से आदिल को हिरासत में लिया था।उसके कश्मीर स्थित घर से AK-47 बरामद की गई थी।इसके बाद फरीदाबाद में विस्फोटक सामग्री भी पकड़ी गई।कुछ ही दिन बाद 10 नवंबर को लाल किला क्षेत्र में धमाका हुआ था।इस धमाके में अब तक 14 लोगों की मौत और 32 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।

अदालत में शोएब और आमिर पेश

NIA ने बुधवार (26 नवंबर 2025) को आरोपी शोएब और आमिर राशिद अली को दिल्ली की माननीय अदालत में पेश किया।माननीय अदालत ने शोएब को 10 दिन की NIA रिमांड पर भेजा और आमिर को 7 दिन की रिमांड दी।आमिर इस केस का पहला आरोपी है, जबकि शोएब सातवां आरोपी है जिसे NIA ने गिरफ्तार किया है।

व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है शोएब

NIA का मानना है कि शोएब केवल एक साधारण मददगार नहीं बल्कि एक व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का हिस्सा है।जम्मू पुलिस ने भी उसे इसी मॉड्यूल से जुड़े व्यक्ति के रूप में चिन्हित किया है।शोएब की लोकेशन और कॉल डिटेल में मिले चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं।दिल्ली ब्लास्ट केस में शोएब की गिरफ्तारी जांच को महत्वपूर्ण मोड़ देती है।एजेंसी को उम्मीद है कि इससे उमर नबी को मदद करने वाले नेटवर्क व व्हाइट कॉलर मॉड्यूल और विभिन्न राज्यों में फैली आतंकी गतिविधियों का चेहरा उजागर होगा।

 

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