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DE;LHI- NCR में दमघोंटू बनी हवा ,AQI हुआ 400 पार, स्मॉग ने थाम दी लोगों की सांसें, गैस चेंबर बनी राजधानी

दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण ने फिर एक बार लोगों की सांसें थाम दी हैं।देश की राजधानी के आसमान पर घना स्मॉग छाया हुआ है और हवा में पूरा जहर घुल चुका है। सोमवार को राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) कई इलाकों में 400 के पार पहुंच गया, जो ‘गंभीर श्रेणी’ में आता है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर से न केवल लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, बल्कि आंखों में जलन, गले में खराश और सिरदर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो रही हैं।कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने समीक्षा बैठक में बताया कि फिलहाल  GRAP-3 लागू करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज किया गया है। फिलहाल GRAP चरण-1 और 2 के तहत लागू प्रतिबंध जारी रहेंगे।फिर भी, मौसम विभाग और IITM के अनुमानों के अनुसार, गले 10 दिनों तक प्रदूषण का स्तर “बहुत खराब” श्रेणी में बना रहेगा।

दिल्ली-NCR में कहां कितना प्रदूषण

सोमवार सुबह 6 बजे दिल्ली के कई इलाकों में AQI खतरनाक स्तर पर था।बवाना में 412, जहांगीर पुरी में 394,बुराड़ी क्रॉसिंग पर 389, चांदनी चौक मैं 365 और आनंद विहार में 379 दर्ज किया गया है।दिल्ली का औसत AQI 346 रहा, जो वायु प्रदूषण की “गंभीर” स्थिति को दर्शाता है।
ठंड और कोहरा बढ़ाएंगा लोगों की मुश्किलें

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि अगले सात दिनों तक न्यूनतम तापमान 13°C के आसपास रहेगा। हवा की गति 10-15 किमी/घंटा तक रहेगी। ठंडी और धीमी हवाएं, गिरता तापमान और नमी का स्तर हवा में मौजूद प्रदूषकों को ऊपर नहीं उठने दे रहा।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार कोहरे और धुएं का मिश्रण ही इस घने स्मॉग का मुख्य कारण है। साथ ही, आसपास के राज्यों में पराली जलाने से उठने वाला धुआं भी दिल्ली की हवा को और जहरीला बना रहा है।प्रदूषण को काबू में लाने के लिए दिल्ली सरकार और केंद्रीय एजेंसियां सक्रिय हैं।दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग व कंपनियों को Work From Home की सलाह दी है।

इन कदमों के बावजूद हवा की गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा। दिल्ली सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि बच्चे, बुजुर्ग और सांस या हृदय के मरीज बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्तर पर हवा में मौजूद सूक्ष्म धूल कण (PM2.5 और PM10) फेफड़ों और दिल पर बुरा असर डाल सकते हैं।“लोगों को एन-95 मास्क पहनकर ही बाहर निकलना चाहिए। ज्यादा पानी पिएं, ताकि शरीर में प्रवेश करने वाले प्रदूषक बाहर निकल सकें। सुबह की सैर या व्यायाम फिलहाल न करें।”

इंडिया गेट पर प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन

रविवार शाम दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदूषण के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन हुआ।लोगों ने ‘हवा में जहर है’, ‘I can’t breathe’ और ‘क्योंकि सास भी कभी चलती थी’ जैसे स्लोगन वाली तख्तियां थाम रखी थीं।इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पैरेंट्स, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। पुलिस ने एहतियातन भारी बंदोबस्त किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

प्रदूषण के कारण

प्रदूषण के बढ़ते स्तर के पीछे ये प्रमुख कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं,निर्माण गतिविधियां और सड़क की धूल,औद्योगिक उत्सर्जन औरपराली जलाना (पंजाब, हरियाणा, यूपी के इलाकों में) और गिरता तापमान और धीमी हवाएं हैं।IMD और CAQM दोनों का अनुमान है कि अगले 10 दिनों तक हवा की गुणवत्ता में कोई बड़ा सुधार नहीं होगा। प्रदूषण का स्तर “बेहद खराब” श्रेणी में ही रहेगा।सरकार को सलाह दी है कि अगर प्रदूषण और बढ़ता है, तो GRAP-3 चरण लागू किया जा सकता है, जिसमें निर्माण, औद्योगिक और परिवहन गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध लगते हैं।

दिल्ली-NCR में फिलहाल हालात सामान्य नहीं हैं।स्मॉग की चादर ने न केवल हवा की पारदर्शिता छीन ली है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी सीधा हमला किया है।प्रदूषण के खिलाफ नीतियों, सख्त कार्रवाई और जन-जागरूकता तीनों की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है।

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