10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए घातक कार ब्लास्ट ने राजधानी को हिला कर रख दिया था। इस हमले में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। यह ब्लास्ट फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के कुछ ही घंटों बाद हुआ था। अब तक इस मामले में जांच में सामने आया हि कि डॉक्टर उमर मुहम्मद नबी और शाहीन समेत सात लोग आतंकी गतिविधियों में शामिल थे।इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लगातार कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हाल ही में दिल्ली की अदालत ने लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट के आरोपी ड्राइवर उमर मोहम्मद उर्फ उमर उर नबी के सहयोगी आमिर राशिद अली को 10 दिन की NIA हिरासत में भेजा है। आमिर को 16 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।इसी के साथ, NIA को इस मामले में एक और बड़ी सफलता मिली है। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का रहने वाला जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश, जो हमले में तकनीकी सहायता प्रदान करने वाला सक्रिय सहयोगी था उसे 17 नवंबर को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था,आज उसे पटियाला हाउस कोर्ट मे पेश किया गया।कोर्ट ने उसे 10 दिन की NIA हिरासत में भेजा है।

NIA के अनुसार, जसीर बिलाल वानी यानी कि दानिश ने कथित तौर पर आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए तकनीकी सहायता दी थी। वह जानलेवा कार बम विस्फोट से पहले ड्रोन मॉडिफिकेशन और रॉकेट बनाने के प्रयास में शामिल था। हमलावर उमर मुहम्मद नबी के साथ मिलकर इस आतंकी हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में सक्रिय था।जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि दिल्ली विस्फोट की साजिश अल-फलाह विश्वविद्यालय के आसपास से रची गई थी। हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि कैंपस में किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों में इसका इस्तेमाल नहीं हुआ
NIA और Ed की छापेमारी से अब तक कई अहम सुराग मिले हैं और माना जा रहा है कि यह साजिश कई राज्यों और संगठनों में फैली हुई थी।इस पूरे मामले की जांच के लिए NIA की कई टीमें दिल्ली, कश्मीर और अन्य राज्यों में सक्रिय हैं। एजेंसी ने धमाके में शामिल सभी लोगों की पहचान और उनके नेटवर्क को ट्रेस करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इस प्रक्रिया में कई राज्यों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि ब्लास्ट की पूरी साजिश का पता लगाया जा सके।










