नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस समिट को “अव्यवस्थित PR तमाशा” करार देते हुए केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की प्रतिभा और डेटा का सही इस्तेमाल करने के बजाय सरकार इसे केवल प्रचार का मंच बना रही है।
राहुल गांधी का कहना है कि इस समिट में चीनी रोबोटिक डॉग को भारतीय उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया, जो न केवल भ्रामक है बल्कि भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम भी है।
दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit का उद्देश्य भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना था। लेकिन यह आयोजन उस समय विवादों में घिर गया, जब गलगोटिया विश्वविद्यालय द्वारा प्रदर्शित एक रोबोटिक डॉग को लेकर सवाल उठने लगे।
सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि यह रोबोटिक डॉग भारत में नहीं, बल्कि चीन में निर्मित है। इसके बाद यह मामला तेजी से वायरल हो गया और आयोजकों की मंशा पर सवाल खड़े हो गए।
लोगों ने पूछा कि अगर भारत में AI और रोबोटिक्स की इतनी क्षमता है, तो फिर विदेशी उत्पादों को भारतीय तकनीक बताकर क्यों पेश किया जा रहा है?

राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि
“भारत की प्रतिभा और डेटा का सही इस्तेमाल करने के बजाय AI समिट को एक अव्यवस्थित PR तमाशा बना दिया गया है। भारतीय डेटा बिक्री के लिए रखा गया है और चीनी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। यह भारत के लिए बेहद शर्मनाक है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा डेटा बेस और शानदार तकनीकी टैलेंट है, इसके बावजूद सरकार AI जैसे महत्वपूर्ण और भविष्य से जुड़े क्षेत्र को गंभीरता से नहीं ले रही।
सोशल मीडिया पर भी उठा बवाल
जैसे ही रोबोटिक डॉग को लेकर सच्चाई सामने आई, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
टेक एक्सपर्ट्स, स्टार्टअप फाउंडर्स और आम यूजर्स ने सवाल उठाए कि —क्या भारत में खुद की तकनीक नहीं है?क्या सरकार विदेशी उत्पादों के सहारे अपनी उपलब्धियां दिखाने की कोशिश कर रही है?
कई यूजर्स ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं भारत की अंतरराष्ट्रीय साख को नुकसान पहुंचाती हैं।
सरकार की नीति और सोच पर उठे सवाल
यह विवाद अब केवल एक रोबोटिक डॉग तक सीमित नहीं रहा। इसने सरकार की तकनीकी नीति, प्राथमिकताओं और सोच पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसके बावजूद अगर विदेशी उत्पादों को भारतीय उपलब्धि बताकर पेश किया जाएगा, तो इससे स्थानीय इनोवेशन को नुकसान पहुंचेगा और देश की छवि कमजोर होगी।
भारत की वैश्विक छवि पर असर?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि
AI को लेकर मोदी सरकार ने वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया है।उन्होंने कहा कि चीनी मीडिया ने इस पूरे मामले पर भारत का मज़ाक उड़ाया है, जो देश के लिए बेहद शर्मनाक हैउन्होंने यह भी कहा कि मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा चीनी रोबोट्स को बढ़ावा देना और भी गंभीर मामला है।स्पष्ट है कि AI Impact Summit को लेकर उठा यह विवाद केवल एक तकनीकी गलती नहीं, बल्कि सरकार की नीति और सोच पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब देखना यह होगा कि सरकार इस पूरे मामले पर क्या स्पष्टीकरण देती है और भविष्य में ऐसे आयोजनों में पारदर्शिता और स्वदेशी तकनीक को प्राथमिकता देती है या नहीं।










