11 जुलाई पेट्रोल-डीजल रेट अपडेट

देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। सरकारी तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे ईंधन के दामों को अपडेट करती हैं। 11 जुलाई 2026 को जारी किए गए नए रेट के अनुसार, ज्यादातर शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे वाहन चालकों को फिलहाल राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव का सीधा प्रभाव भविष्य में पेट्रोल और डीजल के दामों पर पड़ सकता है। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की स्थिति और अन्य आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ईंधन के दाम तय करती हैं। हालांकि, देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स का भी असर पड़ता है, जिसके कारण अलग-अलग शहरों में रेट अलग-अलग होते हैं। राजधानी दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों में आज ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे वाहन में ईंधन भरवाने से पहले अपने शहर के ताजा रेट की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें, क्योंकि स्थानीय टैक्स और अन्य शुल्क के कारण कीमतों में अंतर हो सकता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक बाजार की स्थिति पर आने वाले दिनों में भी नजर बनी रहेगी। यदि कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी हलचल होती है तो इसका असर घरेलू ईंधन बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और देशभर में उपभोक्ताओं को स्थिर दरों पर ईंधन मिल रहा है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतें तय करेंगी कि ईंधन के दामों में आगे क्या बदलाव देखने को मिलेगा।

11 जुलाई को आपके शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम

दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध है, कोलकाता: पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध है, मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध है, चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध है, नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.56 रुपये प्रति लीटर है, चंडीगढ़: पेट्रोल 101.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.47 रुपये प्रति लीटर है, लखनऊ: पेट्रोल 101.89 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर है, पटना: पेट्रोल 113.37 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर है |

25 मई से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नहीं हुआ बदलाव

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली हुई है। सरकारी तेल कंपनियों ने 25 मई 2026 के बाद से पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके बाद से देश के ज्यादातर हिस्सों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। इससे पहले मई 2026 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली थी। महीने के शुरुआती दिनों में ईंधन की कीमतों में कई बार संशोधन किया गया, जिससे वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त खर्च का असर पड़ा। तेल कंपनियों ने 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की थी। इसके बाद 19 मई और 23 मई को भी कीमतों में बदलाव किया गया। वहीं, 25 मई को एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए थे। इन बढ़ोतरी के बाद से कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखा है। ईंधन की कीमतें तय करने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम, विदेशी मुद्रा विनिमय दर और अन्य आर्थिक परिस्थितियों की अहम भूमिका होती है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स के कारण अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल के रेट में अंतर देखने को मिलता है। वर्तमान में वाहन चालकों को राहत इसलिए भी मिल रही है क्योंकि पिछले कुछ समय से घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव के आधार पर ईंधन के दाम प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की मौजूदा कीमतों को बरकरार रखा है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार पर लगातार देखा जा रहा है। पश्चिम एशिया में किसी भी अस्थिरता का सीधा असर तेल की कीमतों और वैश्विक सप्लाई पर पड़ता है। इसी कारण बाजार मं उतार-चढ़ाव बना हुआ है और निवेशक स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने भी पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है। एजेंसी का कहना है कि यदि क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो तेल उत्पादन और सप्लाई चैन प्रभावित हो सकती है। इसका परिणाम दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है। वर्तमान में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ गिरावट देखी गई है। बाजार में मांग और आपूर्ति का संतुलन, वैश्विक आर्थिक हालात और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के कारण तेल की कीमतों में लगातार बदलव हो रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले परिवर्तन का सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है। भारत में सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों और अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए रोजाना सुबह 6 बजे नई ईंधन कीमतें तय करती हैं। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें पश्चिम एशिया की स्थिति, वैश्विक मांग और प्रमुख तेल उत्पादक देशों के निर्णयों पर निर्भर करेंगी। यदि तनाव कम होता है तो बाजार में स्थिरता आ सकती है, वहीं स्थिति बिगड़ने पर कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर आम लोगों के खर्चों पर भी पड़ता है। पेट्रोल और डीजल महंगे होने से परिवहन लागत बढ़ सकती है, जिसका असर कई वस्तुओं की कीमतों पर भी नजर आता है। वहीं, कीमतों में गिरावट उपभोक्ताओं को राहत दे सकती है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की गतिविधियों पर।
दिल्ली में 11 जुलाई को पेट्रोल का भाव 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया। वहीं, देश के अन्य प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम लगभग सामान्य बने हुए हैं। तेल कंपनियों ने अभी उपभोक्ताओं को कीमतों में बदलाव से राहत दी है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर है। नोएडा में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 97.56 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। चंडीगढ़ में पेट्रोल की कीमत 101.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.47 रुपये प्रति लीटर है। लखनऊ में पेट्रोल 101.89 रुपये और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर की दर पर है। पटना में पेट्रोल 113.37 रुपये और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। 25 मई 2026 के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इससे पहले मई में ईंधन की कीमतों में कई बार वृद्धि देखी गई थी, जिसके कारण आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ा था। मई में कुछ दिनों के अंतराल पर पेट्रोल और डीजल की दरों में वृद्धि की गई थी। 15 मई को कीमतें बढ़ाई गई थीं। इसके बाद 19 मई, 23 मई और 25 मई को भी दामों में बदलाव हुआ था। 25 मई के बाद से कीमतें स्थिर रहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर ध्यान रखने की बात कही है | यदि क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका असर भविष्य में होगा।
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