देश में ऑनलाइन गेमिंग बिल 1 अक्टूबर से लागू हो गया है। इस नए कानून के तहत अब ऐसे सभी ऑनलाइन गेम्स पर रोक लगा दी गई है जिनमें पैसों का लेन-देन, सट्टेबाजी या जुआ शामिल होता है। सरकार का कहना है कि इससे युवाओं को आर्थिक और मानसिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।
इस बिल के तहत ई-स्पोर्ट्स (E-Sports) को अब आधिकारिक खेलों का दर्जा मिल गया है। यानी अब ई-स्पोर्ट्स को अन्य खेलों की तरह मान्यता मिलेगी और खिलाड़ियों को करियर बनाने के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है। सरकार का मानना है कि यह कदम ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को नियमित (Regulate) करने और युवाओं को सुरक्षित माहौल देने की दिशा में अहम साबित होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कानून भारत में गेमिंग इंडस्ट्री को नई दिशा देगा—जहाँ एक तरफ हानिकारक गेम्स पर रोक होगी, वहीं दूसरी तरफ ई-स्पोर्ट्स जैसे सकारात्मक और कौशल आधारित गेम्स को बढ़ावा मिलेगा।









