हिमाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही बर्फबारी और भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। लाहौल घाटी से लेकर धर्मशाला तक, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने करवट बदल दी है। बर्फबारी और बारिश के चलते दारचा-शिंकुला, दारचा-बारालाचा और कोकसर-लोसर सड़कें वाहनों के लिए बंद हो गई हैं।

लाहौल घाटी में पहली बर्फबारी
रविवार से लाहौल घाटी में सीजन की पहली ताजा बर्फबारी शुरू हो गई है। रोहतांग दर्रा, अटल टनल का नॉर्थ पोर्टल, दारचा, जिस्पा और सेवन सिस्टर पीक सहित बारालाचा, शिंकुला और कुंजम दर्रे पर भी बर्फबारी हुई है। ताजा हिमपात के कारण घाटी का तापमान गिर गया है और लोगों को गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर होना पड़ा है।
बारिश से प्रभावित अन्य क्षेत्र
राजधानी शिमला, कुल्लू, कांगड़ा और मंडी सहित अन्य जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी, ऊना, हमीरपुर व बिलासपुर जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 7 अक्टूबर को कांगड़ा, मंडी, चंबा, ऊना, कुल्लू, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
तापमान में गिरावट
मौसम के इस बदलाव के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 2-5 डिग्री सेल्सियस कम रहा। शिमला में न्यूनतम तापमान 11.5°C, मनाली में 8.5°C, कल्पा में 6.4°C और केलांग में 0.1°C दर्ज किया गया।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण 8 अक्टूबर तक प्रदेश में खराब मौसम बना रहेगा। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। 5 से 7 अक्टूबर के दौरान बारिश की गतिविधि चरम पर रहेगी, जिसमें 6 अक्टूबर को अधिकतम तीव्रता देखने को मिलेगी। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं (40-50 किलोमीटर प्रति घंटे) और ओलावृष्टि की संभावना है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों की स्थिति
बर्फबारी और बारिश ने लाहौल घाटी, रोहतांग दर्रा, बारालाचा और कुंजम दर्रे के प्राकृतिक नजारों को और आकर्षक बना दिया है। पर्यटक इस समय पहाड़ी इलाकों में बढ़ती आवाजाही से इन दृश्यों का आनंद ले रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने बर्फबारी और फिसलन के कारण सभी हाईवे और पहाड़ी मार्गों में वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है।
भविष्य का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि 9 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है। आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में 4-6°C और अधिकतम तापमान में 5-9°C तक गिरावट आने का अनुमान है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा।










