सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में चिंता जताई कि देश में हर 8 मिनट में एक बच्चा लापता हो जाता है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है। अदालत ने केंद्र सरकार से गोद लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भी कहा।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने
- जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अखबार में पढ़ा कि हर 8 मिनट में एक बच्चा गायब हो जाता है। चाहे यह आंकड़ा सही हो या नहीं, यह एक गंभीर मुद्दा है।
- अदालत ने यह भी कहा कि गोद लेने की प्रक्रिया जटिल होने की वजह से लोग अवैध तरीके अपनाते हैं।
पिछले मामले
एनजीओ गुरिया स्वयंसेवी संस्थान ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि बच्चों का अपहरण और तस्करी कई राज्यों में होती है। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में पिछले साल ऐसे पांच मामले दर्ज हुए, जिसमें बच्चों को झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान भेजा गया।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया
- लापता बच्चों के मामलों को देखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करना।
- 9 दिसंबर तक इस प्रक्रिया को पूरा करना।
- मिशन वात्सल्य पोर्टल पर नोडल अधिकारियों के नाम और संपर्क विवरण अपडेट करना।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से बच्चों की तलाश और मामलों की जांच के लिए गृह मंत्रालय के अंतर्गत एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल बनाने का निर्देश दिया। पोर्टल पर हर राज्य का एक अधिकारी सूचना साझा करने और शिकायतों का जिम्मा संभालने के लिए हो सकता है।










