आज की बड़ी खबर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से, जहां एक बार फिर एक प्रशासनिक अधिकारी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवादों में आ गई हैं।शिमला की SDM Oshin Sharma इस समय चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहने वाली SDM ओशिन शर्मा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जिम जाने वाले लोगों के लिए एक निजी कंपनी का प्रमोशनल वीडियो शेयर किया था। वीडियो सामने आते ही तेजी से वायरल हो गया और इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई।

कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या किसी सरकारी पद पर कार्यरत अधिकारी को किसी निजी कंपनी या ब्रांड का प्रचार करना चाहिए?सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि सरकारी सेवा में रहते हुए इस तरह का प्रमोशन सेवा नियमों के खिलाफ हो सकता है। लोग सरकारी कर्मचारियों के आचरण नियम 15(1) का हवाला दे रहे हैं, जिसमें सरकारी अधिकारियों को व्यावसायिक गतिविधियों या निजी प्रचार से दूर रहने की बात कही गई है। मामला बढ़ने के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी इस पर संज्ञान लिया है। राज्य के मुख्य सचिव Sanjay Gupta ने बताया कि इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है।उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। विवाद बढ़ता देख SDM ओशिन शर्मा ने संबंधित प्रमोशनल वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया है।हालांकि वीडियो हटाए जाने के बावजूद यह मुद्दा अभी भी चर्चा में बना हुआ है और सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आज के डिजिटल दौर में सरकारी अधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियां भी सार्वजनिक जिम्मेदारी के दायरे में आती हैं।ऐसे में निजी कंपनियों से जुड़ी किसी भी तरह की प्रमोशनल गतिविधि प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकती है।कुछ लोग इसे सामान्य सोशल मीडिया गतिविधि बता रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे सेवा नियमों का संभावित उल्लंघन मान रहे हैं। अब सभी की नजर सरकारी जांच पर टिकी हुई है कि आखिर इस मामले में क्या निष्कर्ष निकलता है। फिलहाल, शिमला की SDM एसडीएम ओशिन शर्मा से जुड़ा यह मामला प्रशासनिक मर्यादा और सोशल मीडिया जिम्मेदारी को लेकर नई बहस जरूर छेड़ गया है।जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह केवल विवाद था या नियमों का उल्लंघन।









