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मथुरा में दर्दनाक हादसा: नहर में गिरी तेज रफ्तार कार, चार युवकों की मौत

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। थाना मगोर्रा क्षेत्र के नगला दैवीया गांव के पास बुधवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क से फिसलती हुई नहर में जा गिरी, जिससे कार सवार चारों युवकों की मौके पर ही जान चली गई। हादसे ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है।

जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना बुधवार शाम करीब साढ़े छह से सात बजे के बीच हुई। चारों युवक महावन से किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे। वे मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स कार में सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार काफी तेज थी। नगला दैवीया के पास पहुंचते ही चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे पास की नहर में जा गिरी। कुछ ही पलों में कार पूरी तरह पानी में डूब गई।

हादसे की सूचना मिलते ही मगोर्रा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों ने भी बचाव कार्य में पुलिस की भरपूर मदद की। अंधेरा होने और नहर का पानी गहरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कड़ी मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से कार को नहर से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कार में फंसे चारों युवकों की मौत हो चुकी थी। इस मंजर को देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

मृतकों की पहचान राहुल वर्मा (23 वर्ष), निवासी महावन, जो पेशे से दर्जी थे; अमित (23 वर्ष), निवासी प्रेमनगर कलां, जो छात्र थे; और मोहित (22 वर्ष), निवासी महावन, जो कानून की पढ़ाई कर रहे थे, के रूप में हुई है। चौथे युवक की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। बताया जा रहा है कि तीन युवक एक ही परिवार से थे, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

हादसे में जिस कार का इस्तेमाल किया जा रहा था, वह राहुल वर्मा के भाई सज्जन सिंह की बताई जा रही है, जो पेशे से अधिवक्ता हैं। एक ही परिवार के तीन युवकों की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। महावन और आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है।

घटना की पुष्टि करते हुए एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं सड़क की खराब स्थिति या तकनीकी खराबी तो दुर्घटना का कारण नहीं बनी।

हादसे के बाद पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। जिन घरों में कुछ घंटे पहले तक खुशियों की चहल-पहल थी, वहां अब मातम और चीख-पुकार का माहौल है। मां-बाप अपने जवान बेटों की अर्थी देखकर बेसुध हो रहे हैं। गांव में हर आंख नम है और हर दिल गमगीन।

यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि खासकर युवाओं में तेज रफ्तार का रोमांच अक्सर जानलेवा साबित होता है। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन और संयमित ड्राइविंग ही ऐसे हादसों को रोक सकती है।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है। हालांकि, किसी भी मदद से उन चार जिंदगियों की भरपाई संभव नहीं है, जो एक पल की लापरवाही की भेंट चढ़ गईं।

यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि चार परिवारों के सपनों का अंत है। यह घटना समाज के लिए एक कड़ी चेतावनी है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही भी जिंदगी छीन सकती है। मथुरा आज शोक में डूबा है और हर कोई यही कह रहा है — काश रफ्तार थोड़ी कम होती।

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