दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार सुबह भी राजधानी और आसपास के अधिकांश इलाकों में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) कई जगहों पर 400 के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों की सांसों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सुबह 7 बजे के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में AQI 400 से ऊपर रहा। आनंद विहार में AQI 429 रिकॉर्ड किया गया, जबकि अशोक विहार में 420 रहा। बवाना में 432, बुराड़ी में 402 और DTU क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता 399 रही। द्वारका में AQI 386 और ITO में 388 दर्ज किया गया।
जहांगीरपुरी और रोहिणी की स्थिति सबसे चिंताजनक रही—जहां AQI क्रमशः 437 और 438 दर्ज किया गया। पंजाबी बाग 412, मुंडका 413 और वजीरपुर में AQI बढ़कर 448 तक पहुंच गया, जो दिल्ली के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में से एक रहा।
गाजियाबाद और नोएडा की हवा भी खतरनाक
दिल्ली ही नहीं, NCR के बाकी शहरों में भी वायु प्रदूषण का स्तर बेहद खराब है।
गाजियाबाद में AQI 400 के पार
लोनी में AQI 464 मापा गया, जबकि संजय नगर में 389 और इंदिरापुरम में 421 दर्ज किया गया।
नोएडा में भी हवा दम घोंटने वाली स्थिति में
सेक्टर 125 में AQI 436 मापा गया, सेक्टर 1 में 388, सेक्टर 62 में 370 और सेक्टर 116 में 388 रहा।
गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी हवा खराब
गुरुग्राम में NISE ग्वाल पहाड़ी इलाके में AQI 325 दर्ज किया गया। सेक्टर 51 में 324, टेरी ग्राम में 212 और विकास सदन में 287 रिकॉर्ड हुआ।
फरीदाबाद में सेक्टर 30 में AQI 197, न्यू इंडस्ट्रियल टाउन में 270 और सेक्टर 11 में 218 दर्ज किया गया।
बढ़ते प्रदूषण से स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव
सांस संबंधी बीमारियाँ अस्थमा और एलर्जी आंखों में जलनहृदय और फेफड़ों पर दबाव
का खतरा बढ़ सकता है।बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए स्थिति सबसे अधिक नुकसानदायक है।
अब सावधानी बेहद ज़रूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक:
सुबह-शाम खुली हवा में निकलने से बचें बाहर जाते समय मास्क का उपयोग करें घर में एयर प्यूरीफायर या वेंटिलेशन का ध्यान रखें
पानी ज्यादा पिएं और पौष्टिक भोजन लें खांसी/सांस फूलने जैसी समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करें
दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर लगातार बदतर होता जा रहा है। कई इलाकों में AQI 400 के पार जा चुका है, जो आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। विशेषज्ञों का कहना है कि तत्काल सावधानी और प्रबंधन जरूरी है, वरना हवा लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है।









