उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में पैथोलॉजी संचालक और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात वाली रात आरोपी बेटा अक्षत और उसके पिता दोनों नशे में थे।
पुलिस के अनुसार, मानवेंद्र सिंह किसी कार्यक्रम से घर लौटे थे और उस समय उन्होंने शराब पी रखी थी। वहीं, उनका बेटा अक्षत भी पहले से नशे में था। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि पिता द्वारा डांटने और अपशब्द कहने से गुस्साए अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से अपने पिता को गोली मार दी।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी अक्षत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपने किए पर पछतावा भी जताया। जेल भेजे जाने से पहले अक्षत ने अपनी छोटी बहन कृति से मिलने की इच्छा जताई। बहन को देखते ही वह उससे लिपटकर रोने लगा।


आरोपी ने पुलिस से अपना मोबाइल फोन मांगकर बहन के खाते में पैसे ट्रांसफर करने की बात भी कही। उसने बहन को घर में रखी रकम और जरूरी खर्चों की जानकारी दी, ताकि उसे किसी तरह की परेशानी न हो।
बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद से बहन कृति सदमे में है और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रही है। कम उम्र में पहले मां और अब पिता को खोने के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है, जबकि भाई जेल में बंद है।
जेल सूत्रों के अनुसार, अक्षत पूरी रात सो नहीं सका और अपनी गलती को लेकर परेशान रहा। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए जेल अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और उसकी काउंसिलिंग भी कराई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने हत्या को गलती बताया है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है।










