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दिल्ली में पहली बार क्लाउड सीडिंग का परीक्षण: प्रदूषण कम करने के लिए कृत्रिम बारिश आज संभव”

दिल्ली में मंगलवार को पहली बार क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम वर्षा) का परीक्षण होगा। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि यह परीक्षण प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसके लिए कानपुर से विशेष विमान भेजा जाएगा, जो उपयुक्त मौसम की स्थिति में उड़ान भरेगा।

परीक्षण का विवरण

  • स्थान और समय: दिल्ली, मंगलवार सुबह (28 अक्टूबर 2025), मौसम के अनुकूल।
  • विमान और रसायन: विमान में चांदी का आयोडाइड और नमक छोड़ा जाएगा।
  • पहले टेस्ट: बुराड़ी में टेस्ट उड़ान हुई थी, लेकिन हवा में नमी केवल 20% होने के कारण बारिश नहीं हुई।

क्लाउड सीडिंग क्या है?

क्लाउड सीडिंग, जिसे कृत्रिम वर्षा भी कहा जाता है, एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसमें बादलों में विशेष रसायनों का छिड़काव करके वर्षा कराई जाती है। यह तकनीक मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में उपयोगी है जहां प्राकृतिक वर्षा कम होती है।

रसायन का छिड़काव: बादलों में सिल्वर आयोडाइड, पोटेशियम आयोडाइड या शुष्क बर्फ छोड़ा जाता है।

  1. संघनन: ये रसायन जलवाष्प को आकर्षित करते हैं और पानी की बूंदों या बर्फ के क्रिस्टल में बदलते हैं।
  2. वर्षा: जब बूंदें पर्याप्त भारी हो जाती हैं, तो वे पृथ्वी पर गिरती हैं।

प्रदूषण पर प्रभाव

क्लाउड सीडिंग सीधे प्रदूषण को नहीं हटाती, लेकिन वर्षा के माध्यम से हवा में मौजूद धूल, पराग और अन्य कण नीचे गिर जाते हैं। इस प्रकार, यह अप्रत्यक्ष रूप से वायु गुणवत्ता सुधार में मदद कर सकती है।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी

  • 28 से 30 अक्टूबर तक दिल्ली में बादल अनुकूल रहने की संभावना है।
  • यदि मौसम उपयुक्त रहा, तो पहली कृत्रिम बारिश 29 अक्टूबर को संभव है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आईटीओ घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया।

  • पर्यावरण मंत्री सिरसा, कपिल मिश्रा और रविंदर इंद्राज भी उपस्थित रहे।
  • छठ पूजा का आयोजन धूमधाम से किया गया।

क्लाउड सीडिंग हर बार सफल नहीं होती।

  • इसका दीर्घकालिक प्रभाव अभी सीमित डेटा पर आधारित है।
  • प्रदूषण के मुख्य स्रोतों को नियंत्रित किए बिना यह केवल अल्पकालिक राहत दे सकती है।दिल्ली में क्लाउड सीडिंग का यह परीक्षण वैज्ञानिक और पर्यावरणीय प्रयोग के रूप में महत्व रखता है। यदि सफल हुआ, तो इससे शहर में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है।

 

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