राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में आज सुबह घना जहरीला स्मॉग छा गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। इस कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और मास्क पहनना अनिवार्य हो गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़े
आज सुबह विभिन्न इलाकों में AQI की स्थिति इस प्रकार रही:
- अशोक विहार: 443
- बवाना: 437
- बुराड़ी: 418
- डीटीयू: 432
- द्वारका: 414
- जहांगीरपुरी: 451
- आईटीओ: 399
- आनंद विहार: 416
- आया नगर: 332
विशेष रूप से इंडिया गेट और आसपास के क्षेत्र में भी घना स्मॉग छाया रहा और AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जाता है।
लोगों की परेशानी
वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। कई लोग सांस लेने में कठिनाई, खांसी, और गले में जलन जैसी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। एक स्थानीय महिला ने कहा,
“प्रदूषण इतना ज्यादा है कि घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है। मास्क पहनना पड़ रहा है और बच्चे भी बाहर नहीं जा पा रहे।”
विशेषज्ञों की चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे
- घर के अंदर रहें, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों वाले लोग
- बाहर निकलते समय एन95 मास्क या अच्छी क्वालिटी का मास्क पहनें
- गहन शारीरिक गतिविधियों से बचें
- धूम्रपान और प्रदूषण वाले क्षेत्रों में समय कम बिता
प्रदूषण के कारण
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण है:
- ठंड के मौसम में घना कोहरा और स्मॉग
- वाहनों और औद्योगिक धुएं से निकलने वाला धुआं
- आसपास के राज्यों से कृषि अपशिष्ट जलाने से उड़ता धुआं
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन सभी कारणों को नियंत्रित न किया गया तो आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता और खराब हो सकती है।
सरकारी उपाय और अपील
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और दिल्ली सरकार ने लोगों से कहा है कि वे
- अनावश्यक यात्रा से बचें
- प्रदूषण के समय बाहरी गतिविधियों को कम करें
- प्रदूषण रिपोर्ट और AQI स्तर पर नजर रखें
राजधानी दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण ने नागरिकों के लिए सांस लेना कठिन बना दिया है, और विशेषज्ञों का कहना है कि अभी आने वाले दो-तीन दिन तक वायु की गुणवत्ता गंभीर बनी रह सकती है।











