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जम्मू-कश्मीर में फिर मुठभेड़: कुपवाड़ा में आतंकियों पर सेना का ‘ऑपरेशन पिंपल’ जारी

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में शनिवार को सुरक्षाबलों ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो आतंकियों को मार गिराया। यह कार्रवाई भारतीय सेना की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया का परिणाम रही। सेना ने इस अभियान को ऑपरेशन पिंपल’ नाम दिया है।

खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन

भारतीय सेना को शुक्रवार को नियंत्रण रेखा (LoC) के पार से आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद चिनार कॉर्प्स की यूनिट ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सेना ने भी मुंहतोड़ कार्रवाई की।

सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए हैं और ऑपरेशन अब भी जारी है।

मारे गए आतंकियों की पहचान की जा रही है

अब तक मारे गए आतंकियों की पहचान और संगठनिक संबद्धता की पुष्टि नहीं हो सकी है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं ताकि किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।

26 दिन पहले भी कुपवाड़ा में मारे गए थे दो आतंकी

यह इस इलाके में पिछले एक महीने में दूसरी बड़ी मुठभेड़ है। 13 अक्टूबर को भी कुपवाड़ा के कुंबकडी जंगल में दो आतंकियों को ढेर किया गया था, जब वे LoC के रास्ते भारत में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे।

पहलगाम हमले के बाद बढ़ी सख्ती

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने LoC और इंटरनेशनल बॉर्डर पर निगरानी और सर्च ऑपरेशनों को और मजबूत किया है। लगातार हो रही घुसपैठ की कोशिशों को सेना ने नाकाम किया है।

हाल के प्रमुख ऑपरेशन

  • 8 सितंबर: आरएसपुरा सेक्टर में पाकिस्तानी घुसपैठिया सिराज खान गिरफ्तार, पास से पाकिस्तानी करेंसी और संदिग्ध सामान बरामद।
  • 26 अगस्त: गुरेज सेक्टर में दो आतंकी ढेर, जिनमें एक ‘ह्यूमन GPS’ कहे जाने वाला बागू खान शामिल था, जो 1995 से 100 से अधिक घुसपैठ की कोशिशों में शामिल था।
  • 1–12 अगस्त: कुलगाम में ‘ऑपरेशन अखल’ के तहत लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी हारिस डार मारा गया।
  • 28 जुलाई: श्रीनगर के हरवान में ‘ऑपरेशन महादेव’ में तीन पाकिस्तानी आतंकी ढेर, जिनमें पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड हाशिम मूसा भी शामिल था।

कुपवाड़ा में यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि भारतीय सेना सीमा पार से किसी भी घुसपैठ की कोशिश को सफल नहीं होने देगी। लगातार सर्च ऑपरेशन और उच्च सतर्कता के चलते जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने आतंकियों की कई साजिशों को नाकाम किया है

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