हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र में शनिवार मध्यरात्रि को जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे पर एक भयावह सड़क दुर्घटना हुई। तेज रफ्तार में जा रही एक कार रूखी टोल टैक्स के पास सड़क निर्माण कार्य में लगे रोड रोलर से जा टकराई।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई। इस हादसे में चार युवकों की मौके पर मौत हो गई, जिनमें से एक कांग्रेस नेता बलवान रंगा का बेटा सोमबीर भी शामिल था।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा देर रात लगभग 12 बजे के आसपास हुआ।
कार इतनी तेज गति में थी कि चालक को आगे खड़े रोड रोलर का अंदाजा नहीं हो पाया।
टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के परखच्चे चारों ओर बिखर गए और वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और राहत कार्य शुरू किया।हादसे में मारे गए सभी युवक हरियाणा के रोहतक जिले के घिलौड़ गाँव के रहने वाले थे।
मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है सूत्रों के अनुसार, चारों युवक किसी पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहे थे जब यह दर्दनाक हादसा हुआ।हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों और पुलिस ने चारों युवकों को कार से बाहर निकालने में कठिन मशक्कत की।एक युवक की मौत मौके पर ही हो गई थी।तीन अन्य गंभीर रूप से घायल थे जिन्हें तुरंत गोहाना सिविल अस्पताल ले जाया गया।इलाज के दौरान तीनों ने भी दम तोड़ दिया।
इस हादसे की खबर से रोहतक और सोनीपत क्षेत्र में मातम का माहौल है।प्रत्यक्षदर्शियों ने उठाए सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय हाईवे पर विजिबिलिटी बेहद कम थी और निर्माण कार्य के बावजूद कोई चेतावनी संकेत या बैरिकेडिंग नहीं थी।कई राहगीरों ने कहा कि “रोड रोलर बीच सड़क पर खड़ा था, लेकिन उस पर कोई रेड लाइट या चेतावनी बोर्ड नहीं लगा था।”इस वजह से तेज रफ्तार में आने वाली कार सीधे उससे जा भिड़ी।हादसे की सूचना मिलते ही गोहाना पुलिस मौके पर पहुँची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कार की गति अत्यधिक तेज थी और सड़क पर मौजूद निर्माण मशीनरी की स्थिति को चालक पहचान नहीं सका।पुलिस अब यह जांच रही है कि निर्माण कंपनी या टोल प्रबंधन की ओर से चेतावनी संकेत क्यों नहीं लगाए गए।
“हम हादसे की हर एंगल से जांच कर रहे हैं। लापरवाही साबित होने पर संबंधित ठेकेदार या एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”मृतकों के गांव घिलौड़ में रविवार सुबह मातम पसर गया।
स्थानीय लोग और परिजन अस्पताल और पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्र हुए।
राजनीतिक हस्तियों ने भी दुख जताया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क निर्माण कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों का कहना है किरात के समय चल रहे निर्माण कार्यों में
फ्लैश लाइट्स, चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टर का होना अनिवार्य है।ऐसे हादसों से बचने के लिए ट्रैफिक विभाग और ठेकेदारों को मिलकर सतर्कता बढ़ानी चाहिए।









