हिमाचल प्रदेश में जतोग कैंट बोर्ड द्वारा हाउस टैक्स में भारी वृद्धि किए जाने के बाद स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिल रही है। आक्रोशित लोगों ने कैंट बोर्ड के खिलाफ सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया और रैली निकालकर टैक्स वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की।लोगों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि मांगे नहीं मानी गईं, तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।जतोग कैंट में जनता का आक्रोश फूट पड़ा। कैंट बोर्ड द्वारा हाल ही में हाउस टैक्स में 100 से लेकर 1000 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी गई है वो भी बिना किसी स्लैब के। । मध्यम वर्ग और गरीब आदमी के लिए ये टैक्स बोझ बन गया है। यह सीधा-सीधा शोषण है।
प्रदर्शनकारी सिर्फ टैक्स को लेकर ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में अधूरे और बदहाल विकास कार्यों को लेकर भी नाराज हैं।
शमशान घाट की सड़क, जो आठ साल पहले बनाई गई थी, अब तक मरम्मत की राह देख रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क अधूरी छोड़ी गई थी और अब स्थिति यह है कि उस पर चलना भी खतरे से खाली नहीं। ये सड़क कभी सुगम मार्ग था, अब जर्जर हालत में है।गिरते-पड़ते हमें इस रास्ते से गुजरना पड़ता है। कोई सुनवाई नहीं हो रही।स्थानीय लोगों का आरोप है कि कैंट बोर्ड का रवैया पूरी तरह तानाशाही जैसा हो गया है। टैक्स वसूली हो रही है लेकिन न तो सफाई व्यवस्था है, न ही मूलभूत सुविधाएं। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह टैक्स देने से मना नहीं कर रहे, लेकिन जब सुविधाएं नहीं मिल रही तो ये टैक्स नहीं, अत्याचार है।अगर हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो हम सड़कों पर उतरकर और उग्र आंदोलन करेंगे।








