देश के विभिन्न हिस्सों में मौसमी हालात एक बार फिर बिगड़ चुके हैं। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में सर्दी का सेल शुरू हो गया है, जबकि दक्षिण भारत में बारिश और तूफानी हालत की चेतावनियाँ जारी की गई हैं। आइए जानते हैं विस्तृत जानकारी:
श्रीनगर में कड़कड़ाती ठंड


कश्मीर की घाटी में इस सर्दी के मौसम की अब तक की सबसे ठंडी रात दर्ज हुई है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान –3.2 °सेल्सियस तक गिर गया। यह गिरावट गत वर्षों की तुलना में काफी तीव्र है और घाटी के अन्य इलाकों में भी तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया है, जैसे कि दक्षिण कश्मीर के शो्पियाँ में –5.1 °सेल्सियस तक। मौसम विभाग ने घाटी में अब और ठंड बढ़ने की संभावना जताई है, जिससे जनजीवन पर असर पड़ सकता है।
तमिलनाडु-आंध्र-केरल क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट
- भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर साइकलोन सेन्यार नामक चक्रवाती प्रणाली बनने की संभावना है।
- इस कारण तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश और तूफानी हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
- तमिलनाडु में कई जिलों में सोमवार को स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं ताकि सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके।
- एलर्ट की श्रेणियाँ ‘ओरेंज’ व ‘येलो’ जारी की गई हैं — जिसमें कहा गया है कि जिन तटीय जिलों में स्थिति गंभीर है (जैसे कन्न्याकुमारी, तिरुनेलवेली, तोंतुकुड़ी आदि) वहाँ विशेष सतर्कता बढ़ाई जाए।
क्या हो रहा है और क्या करना चाहिए
दक्षिण-भारत में सक्रिय होने वाला निम्न-दबाव क्षेत्र बंगाल की खाड़ी से सम्बंधित है, जो बढ़ते आर्द्रता के कारण बारिश और तूफानी गतिविधियों को जन्म दे सकता है। तमिलनाडु सरकार ने SDRF (State Disaster Response Force) की टीमें तैनात की हैं, खासकर तोंतुकुड़ी व तेनकासी-क्षेत्र में। यातायात, विद्युत व्यवस्था, जल निकासी आदि पर दबाव बढ़ सकता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा न करेंपानी–भराव वाले इलाकों से दूर रहेंतटीय क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें
दोनों ओर का मौसम: उथल-पुथल का दौर
उत्तर में श्रीनगर-गुलमर्ग जैसी जगहों में सर्दी चरम पर है, तापमान लगातार नीचे गिर रहा है।दक्षिण में तमिलनाडु-केरल में बारिश-तूफान का दौर चलने वाला है, जिसने स्कूल-कॉलेज बंद होने जैसे कदम को अमल में लाया है।इस तरह देश के दोनों छोर पर मौसम की स्थिति अलग-अलग है लेकिन दोनों में सावधानी की आवश्यकता समान रूप से है।
आज का दिन बताता है कि मौसम का मिजाज छोटी अवधि में कैसे तेजी से बदल सकता है — एक ओर ठंडी हवाओं के साथ हिमाच्छादित प्रदेशों में तापमान गिरना, दूसरी ओर तटीय राज्यों में बारिश-तूफान की तैयारी। ऐसे में आम नागरिकों, प्रशासन और बचाव एजेंसियों को मिलकर तैयार रहने की जरूरत है।









