हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हाल ही में चुनाव हुआ। इसमें बीजेपी और कांग्रेस को एक-एक सीट मिली, लेकिन कांग्रेस में पांच विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने के बाद सियासत गरमा गई है। इस मामले ने हरियाणा कांग्रेस के भीतर हड़कंप मचा दिया है।
रामकिशन गुर्जर का इस्तीफा
हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गुर्जर विधायक शैली चौधरी के पति हैं। सोशल मीडिया पर शैली चौधरी के क्रॉस वोटिंग करने की चर्चा हुई, लेकिन रामकिशन गुर्जर का कहना है कि शैली चौधरी ने क्रॉस वोट नहीं किया। गुर्जर ने कहा कि उनका नाम बदनाम करने के लिए उठाया जा रहा है, इसलिए विरोध स्वरूप उन्होंने पद छोड़ दिया।
क्रॉस वोटिंग का मामला
राज्यसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को हर सीट तय थी। लेकिन बीजेपी ने अपने एक पदाधिकारी को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतार दिया। इसके बाद कांग्रेस के पांच विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने की चर्चा रही।नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उनके नाम हाई कमान को बता दिए गए हैं। हुड्डा ने स्पष्ट किया कि पार्टी के खिलाफ धोखा करने वालों के नाम जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।

विधायकों की प्रतिक्रिया
कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि उनका दिल और दिमाग दुखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में भ्रष्ट लोगों की कदर होती है। वत्स ने यह भी कहा कि उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को वोट दिया था और सोशल मीडिया पर उनके नाम को गलत तरीके से फैलाया जा रहा है।
हुड्डा का बयान
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि क्रॉस वोटिंग ने लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि इन विधायकों ने पार्टी के साथ नहीं, बल्कि जनता के साथ धोखा किया है और जनता उन्हें सबक सिखाएगी।
हुड्डा ने कहा कि अभी पांचों विधायकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शिष्टाचार के चलते अभी नाम नहीं बताए जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के समय सब कुछ साफ हो जाएगा।हरियाणा कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव के बाद क्रॉस वोटिंग का विवाद गहराया है। नेताओं के इस्तीफे और सोशल मीडिया पर चर्चाओं के बीच पार्टी हाई कमान कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इस मामले से यह साफ है कि कांग्रेस में आंतरिक मतभेद और अनुशासन को लेकर अब नई चुनौतियां सामने आई हैं।इस विवाद का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में और दिख सकता है, क्योंकि हाई कमान अब विधायकों के खिलाफ कदम उठाने के लिए तैयार है।










