प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को एक खुला पत्र लिखकर राज्य में बदलाव की अपील की है। उन्होंने पत्र में ‘एबार भाजपा सरकार’ का नारा देते हुए राज्य की मौजूदा सरकार पर कुशासन, तुष्टिकरण और महिलाओं की असुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
‘अब बदलाव जरूरी है’ – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने पत्र की शुरुआत ‘जय मां काली’ से की और लिखा कि कुछ ही महीनों में पश्चिम बंगाल का भविष्य तय होने वाला है। उन्होंने कहा कि सोनार बंगाल का सपना देखने वाला हर नागरिक आज दुखी है, क्योंकि राज्य में हालात चिंताजनक हो चुके हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि माताएं और बहनें खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और लोग मजबूरी में राज्य छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि अब बदलाव जरूरी हो गया है।



केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र
प्रधानमंत्री ने पत्र में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।
उन्होंने बताया कि:
- जन-धन योजना से राज्य के करीब 5 करोड़ लोग जुड़े
- स्वच्छ भारत अभियान के तहत 85 लाख शौचालय बने
- उज्ज्वला योजना से 1 करोड़ से अधिक परिवारों को गैस कनेक्शन मिला
- अटल पेंशन योजना से 56 लाख बुजुर्ग लाभान्वित हुए
- किसान सम्मान निधि के तहत 52 लाख किसानों को मदद मिली
- छोटे व्यापारियों को 2.82 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया गया
पीएम मोदी ने कहा कि राज्य सरकार के असहयोग के बावजूद केंद्र की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया गया।
अवैध घुसपैठ और महिला सुरक्षा पर चिंता
प्रधानमंत्री ने पत्र में अवैध घुसपैठ, नकली वोटर और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती आज अराजकता से जूझ रही है।उन्होंने कहा कि राज्य को अंधकार से बाहर निकालने और सुरक्षित बनाने की जरूरत है।
परिवर्तन की अपील
पत्र के अंत में पीएम मोदी ने मतदाताओं से बदलाव के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में आयुष्मान भारत और अन्य योजनाओं से लोगों का जीवन स्तर सुधरा है और पश्चिम बंगाल भी विकास का पूरा हकदार है।
उन्होंने दोहराया कि अब समय आ गया है कि पश्चिम बंगाल विकास और सुशासन की राह चुने।










