पटियाला में पत्नी को बुलाने के लिए बेटी की हत्या: महिला ने कहा- 15 दिन पहले दी थी धमकी, सबूत नष्ट करने के लिए चुपचाप किया अंतिम संस्कार पटियाला के राजपुरा में एक पिता ने अपनी 15 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी, फिर शांति से उसका अंतिम संस्कार कर दिया। माता-पिता के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था और दोनों 3 साल से अलग-अलग रह रहे हैं। बाप मां को लौटाने के लिए उस पर जोर दे रहा था। उसने पत्नी को बार-बार बेटी को हत्या की धमकी भी दी। मां फिर भी वापस नहीं आई तो उसने अब बेटी का मर्डर कर दिया। मां को बेटी की हत्या की जानकारी तब मिली जब गांव के किसी व्यक्ति ने फोन करके सूचित किया। उसने कहा कि जब वह घटनास्थल पर पहुंची, तब तक आरोपियों ने मिलकर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। महिला का कहना है कि उसके पति और परिवार ने मिलकर बेटी को मार डाला और उसे फंदे से लटका दिया। पुलिस ने फिलहाल दोषी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मृतका की पहचान मनिंदर कौर के रूप में हुई।
पति-पत्नी के बीच झगड़ा…बेटी की हत्या की सम्पूर्ण कहानी

लखविंदर कौर ने आरोप लगाया कि 26 अप्रैल को पति और उसके परिवार ने बेटी की हत्या कर उसे फंदे पर लटका दिया और बिनाfamilydispute उसे बताए अंतिम संस्कार कर दिया। पड़ोसियों ने बेटी को फंदे से उतारा और उन्हें जानकारी दी। इसके बाद पति और उसके परिवार ने बिना पोस्टमॉर्टम किए बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया और उन्हें सूचित नहीं किया। सूचना मिलते ही लखविंदर कौर मौके पर पहुंची और स्थिति देखकर तुरंत पुलिस को बुलाया। जब उसने पति, ससुर और अन्य से बेटी की मौत का कारण पूछा तो किसी ने कुछ नहीं बताया। उसे तब तक एक व्यक्ति ने बता दिया था कि बेटी की हत्या करके उसे फंदे पर लटकाया गया है। उसका आरोप है कि पूरा परिवार इस हत्या में शामिल था।
पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लिया।
थाना खेड़ी गड़ियां पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मृतका की मां की शिकायत के आधार पर पिता परमजीत सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। घटना स्थल के आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय वहां क्या परिस्थितियां थीं और क्या किसी ने कुछ देखा या सुना था। फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सभी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी