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पंजाब में अपराध और सियासी हलचल

Faridkot में राजनीतिक बयान के बाद एक बार फिर पंजाब की सियासत में चर्चा तेज हो गई है। निर्दलीय सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने वारिस पंजाब दे संगठन की ओर से अमृतपाल सिंह को मुख्यमंत्री चेहरा बनाए जाने के प्रस्ताव का खुलकर समर्थन किया है। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है। शनिवार (27 जून) को फरीदकोट में आयोजित एक अहम बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता के बीच यह भावना लगातार मजबूत हो रही है कि अमृतपाल सिंह को राज्य का नेतृत्व मिलना चाहिए। उनके अनुसार यह मांग केवल किसी संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि कई लोगों की राय का हिस्सा बन चुकी है। सरबजीत सिंह खालसा ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि अमृतपाल सिंह स्वयं मुख्यमंत्री पद की कोई महत्वाकांक्षा नहीं रखते। उनके अनुसार, अमृतपाल का फोकस राजनीतिक पद से अधिक समाज और समुदाय से जुड़े मुद्दों पर है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद जनता की इच्छा यही है कि अमृतपाल सिंह जेल से बाहर आएं और सक्रिय भूमिका निभाते हुए पंजाब का नेतृत्व करें। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में तलवंडी साबो में बैसाखी के अवसर पर आयोजित एक पंथिक रैली में भी सरबजीत सिंह खालसा ने अमृतपाल सिंह को 2027 में मुख्यमंत्री पद के लिए समर्थन देने की अपील की थी। उस रैली में उन्होंने समर्थकों से एकजुट होकर एक स्पष्ट राजनीतिक दिशा अपनाने का आह्वान किया था। यह बयान उस समय भी काफी चर्चा में रहा था। सरबजीत सिंह खालसा लंबे समय से अमृतपाल सिंह के राजनीतिक समर्थन में सक्रिय रहे हैं। वे लगातार उनके पक्ष में बयान देते रहे हैं और विभिन्न मंचों पर उनके विचारों को आगे बढ़ाते आए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से पंजाब की आने वाली राजनीति पर असर पड़ सकता है, खासकर 2027 के चुनावी माहौल को देखते हुए। फिलहाल इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार है, जबकि राज्य में यह बयान एक नए राजनीतिक विमर्श को जन्म दे रहा है।

कपूरथला में युवक की हत्या, तेजधार हथियारों से काटा

कपूरथला के व्यस्त लाहौरी गेट इलाके में रविवार शाम एक दर्दनाक वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। दिनदहाड़े हुई इस घटना में कुछ हमलावरों ने एक युवक पर तेजधार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल फैल गया। मृतक की पहचान लाहौरी गेट निवासी जतिंदर सहगल उर्फ जिंदर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह रविवार शाम करीब 4 बजे इलाके में मौजूद था, तभी अचानक यह हमला हुआ। कुछ अज्ञात हमलावर अचानक मौके पर पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के जतिंदर को घेर लिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता या बचाव कर पाता, हमलावरों ने उस पर तेजधार हथियारों से हमला शुरू कर दिया। हमले के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोगों ने शोर मचाकर हमलावरों को रोकने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद जतिंदर गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावर पहले से योजना बनाकर आए थे। हालांकि हमले के पीछे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। साथ ही कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।  पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

लुधियाना में अकाली दल के पूर्व विधायक ने अमृतपाल की पार्टी जॉइन की

शिरोमणि अकाली दल को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है, जब लुधियाना के गिल हलके से पूर्व विधायक दर्शन सिंह शिवालिक ने पार्टी छोड़कर वारिस पंजाब दे संगठन का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम ने पंजाब की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। यह राजनीतिक बदलाव रविवार को लुधियाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जहां औपचारिक रूप से उनकी पार्टी में एंट्री कराई गई। कार्यक्रम में कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी भी देखी गई। इस मौके पर अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और नेता मनप्रीत सिंह अयाली भी उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी में ही दर्शन सिंह शिवालिक को संगठन में शामिल किया गया। पार्टी में शामिल होने के बाद दर्शन सिंह शिवालिक ने अपने फैसले के पीछे दो प्रमुख कारण बताए। उन्होंने कहा कि उनका पहला उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नशे की समस्या से बाहर निकालना है। उन्होंने आगे कहा कि दूसरा बड़ा उद्देश्य पंथ की रक्षा और उसके हितों को मजबूत करना है। उनके अनुसार, यह निर्णय उन्होंने लंबे विचार-विमर्श के बाद लिया है। इस कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। मनप्रीत सिंह अयाली ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से दूर होती जा रही है और कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी की जा रही है। हालांकि इस पर अकाली दल की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दर्शन सिंह शिवालिक के इस कदम को अकाली दल के लिए एक महत्वपूर्ण नुकसान के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पंजाब की राजनीति पहले से ही कई बदलावों से गुजर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के दल-बदल आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक समीकरणों को और अधिक प्रभावित कर सकते हैं।

फरीदकोट में शादी से लौट रहे 3 दोस्तों की मौत

फरीदकोट में कोटकपूरा रोड पर जोड़ियां नहरों के पास शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई। यह घटना इलाके में शोक का माहौल छोड़ गई है। तीनों युवक एक शादी समारोह में शामिल होकर कोटकपूरा से अपने घर लौट रहे थे। वापसी के दौरान यह हादसा उस समय हुआ जब उनकी बाइक सड़क पर खड़े एक खराब ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी हालत नाजुक हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान डोगर बस्ती निवासी नवजोत सिंह (30), रवि (28) और जसविंदर जस्स (24) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों आपस में गहरे दोस्त थे और अक्सर साथ ही घूमते-फिरते थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक नवजोत सिंह के चाचा रणजीत सिंह ने आरोप लगाया कि ट्रक सड़क के बीचों-बीच खड़ा था, लेकिन उसमें कोई चेतावनी संकेत या रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में ट्रक स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दिया, जिसके कारण यह भयानक हादसा हुआ। परिवार ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और ट्रक चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस घटना ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।

मोहाली में युवक मर्डर केस में नाबालिग सहित 6 अरेस्ट, वारदात के बाद उत्तराखंड भागे 3 कातिल

मोहाली में 18 वर्षीय युवक करनप्रीत सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पंजाब छोड़कर उत्तराखंड भाग गए थे। लेकिन पुलिस की विशेष टीमों ने लगातार पीछा करते हुए उन्हें लगभग 400 किलोमीटर दूर से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस ने नाबालिग समेत सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे के कारणों और पूरी साजिश की गहराई से जांच की जा रही है। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हरप्रीत सिंह (25) का इलाज चंडीगढ़ स्थित पीजीआई अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। घटना 26 जून की बताई जा रही है, जब खुड्डा अली शेर (चंडीगढ़) निवासी करनप्रीत सिंह और उसके दोस्त हरप्रीत सिंह पर नयागांव के शिशु निकेतन स्कूल के पास हमला हुआ था। हमलावरों ने दोनों को घेरकर उन पर अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि उनके पास लाठियां, चाकू और कृपाण जैसे हथियार थे। हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घायल युवकों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां करनप्रीत सिंह ने दम तोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि हमले के पीछे आपसी रंजिश थी या कोई अन्य कारण। आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

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