देश के सात राज्यों जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, झारखंड, मिजोरम, पंजाब, तेलंगाना और राजस्थान की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 11 नवंबर को होंगे। इन सीटों की मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन उपचुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने हर राज्य में स्थानीय समीकरणों और जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों को टिकट दिया है।
जम्मू-कश्मीर में दो सीटों पर उपचुनाव
जम्मू-कश्मीर में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं बडगाम और नगरोटा।बडगाम सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस सीट से इस्तीफा दे दिया था। उमर अब्दुल्ला ने 2024 के विधानसभा चुनाव में बडगाम और गांदरबल दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में उन्होंने गांदरबल सीट अपने पास रखी और बडगाम सीट खाली कर दी।
नगरोटा सीट पर उपचुनाव भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद हो रहे हैं। राणा ने 2024 के विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार जोगिंदर सिंह को 30,472 मतों से हराया था।भाजपा ने बडगाम सीट से आगा सैयद मोहसिन और नगरोटा सीट से देवयानी राणा को उम्मीदवार बनाया है। दोनों ही उम्मीदवारों को पार्टी के मजबूत स्थानीय चेहरों के तौर पर देखा जा रहा है।

झारखंड की घाटशिला सीट
झारखंड की घाटशिला (अनुसूचित जनजाति) सीट पर उपचुनाव झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता और मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद हो रहे हैं।रामदास सोरेन हेमंत सोरेन सरकार में स्कूली शिक्षा और साक्षरता मंत्री थे।2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को 22,446 मतों से हराया था।भाजपा ने इस सीट से बाबूलाल सोरेन को ही एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है। दिलचस्प बात यह है कि बाबूलाल सोरेन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे हैं। घाटशिला सीट 2009 और 2019 दोनों चुनावों में JMM के पास रही थी, ऐसे में भाजपा इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।
ओडिशा की नुआपाड़ा सीट पर मुकाबला
ओडिशा की नुआपाड़ा विधानसभा सीट बीजू जनता दल (BJD) विधायक राजेंद्र ढोलकिया के निधन के बाद खाली हुई थी। राजेंद्र ढोलकिया का 8 सितंबर को चेन्नई में इलाज के दौरान निधन हो गया था।इस सीट पर भाजपा ने जय ढोलकिया को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा को उम्मीद है कि जय ढोलकिया स्थानीय समीकरणों के आधार पर जरूर जीत दर्ज करेंगे।
तेलंगाना की जुबली हिल्स सीट
तेलंगाना में जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं।यह सीट BRS विधायक मगंती गोपीनाथ के निधन के बाद खाली हुई। गोपीनाथ ने पिछले चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन को हराया था।भाजपा ने इस सीट से लंकाला दीपक रेड्डी को टिकट दिया है। दीपक रेड्डी राज्य में युवा चेहरा माने जाते हैं और शहरी मतदाताओं पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

पंजाब की तरनतारन सीट
यह सीट AAP विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हुई थी।भाजपा ने यहां से हरजीत सिंह संधू को अपना उम्मीदवार बनाया है जो दिसंबर 2022 से भाजपा के जिलाध्यक्ष की भूमिका निभा रहे हैं।जिनकी लोकल पालीटिक्स व संगठनों में अच्छी पकड़ है।
मिजोरम और राजस्थान की सीट पर नही
मिजोरम की डंपा सीट और राजस्थान की अंता सीट पर भी उपचुनाव 11 नवंबर को होंगे। हालांकि भाजपा ने इन राज्यों के उम्मीदवारों की घोषणा बाद में करने का संकेत दिया है। चुनाव आयोग ने सभी राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था और मतदाता सूची के अद्यतन कार्य पूरे कर लिए हैं।
मतदान और मतगणना की तारीखें तय
सभी 8 सीटों पर मतदान 11 नवंबर को होगा और मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी उपचुनावों में EVM और वीवीपैट मशीनों का उपयोग किया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
ये उपचुनाव आने वाले लोकसभा चुनाव 2026 से पहले कई राज्यों में राजनीतिक रुझानों का संकेत देंगे।विशेषकर जम्मू-कश्मीर, झारखंड और तेलंगाना में BJP की रणनीति पर सभी की नज़रें टिकी हुई हैं। वहीं कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के लिए भी ये उपचुनाव अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने का अवसर हैं।11 नवंबर को होने वाले इन उपचुनावों को मिनी चुनाव कहा जा रहा है, क्योंकि इनके नतीजे राष्ट्रीय राजनीति पर असर डाल सकते हैं। सभी दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियां तय कर ली हैं, अब देखना यह होगा कि मतदाता किसे अपना प्रतिनिधि चुनते हैं।










