डिकरी गैंग के 6 सदस्य गिरफ्तार

Mohali में सक्रिय एक शातिर डिकरी गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने एक मोबाइल दुकान के मालिक को रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 75 हजार रुपये और दो सोने की अंगूठियों की ठगी की। मामले की जांच कर रही सदर खरड़ पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह घटना 26 जून को गांव संते माजरा स्थित एक मोबाइल दुकान में हुई थी। आरोपी सुनियोजित तरीके से एक-एक कर दुकान में पहुंचे और आपस में अनजान होने का नाटक करते हुए डिकरी का खेल शुरू कर दिया। उन्होंने पहले अपने ही साथियों को विजेता दिखाकर दुकानदार का भरोसा जीतने की कोशिश की। कुछ देर बाद आरोपियों ने दुकानदार को भी इस खेल में शामिल कर लिया और उसे ज्यादा पैसे कमाने का लालच दिया। झांसे में आकर दुकानदार ने 75 हजार रुपये नकद और एक सोने की अंगूठी गंवा दी। आरोपियों ने मौके का फायदा उठाकर दुकान से दूसरी सोने की अंगूठी भी गायब कर दी और वहां से फरार हो गए। घटना के बाद दुकानदार ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों की तस्वीरें स्थानीय व्यापारियों के साथ साझा कीं। इसी दौरान आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद उनकी तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों का पता लगाया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से ठगी गई रकम, सोने की अंगूठियां और वारदात में इस्तेमाल किए गए साधनों की बरामदगी का प्रयास कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह ने अन्य स्थानों पर भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।

अंगूठी दुकान के काउंटर से चोरी

मोहाली में सामने आए ठगी के एक मामले ने व्यापारियों को सतर्क कर दिया है। आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से एक मोबाइल दुकानदार को अपने जाल में फंसाया और देखते ही देखते हजारों रुपये तथा सोने के आभूषण लेकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का लालच देकर निशाना बनाता था। आरोपियों ने प्लास्टिक की डिकरियों के जरिए एक कथित खेल शुरू किया, जिसमें रकम दोगुनी होने का दावा किया जाता था। शुरुआत में गिरोह के सदस्य आपस में ही दांव लगाते रहे और अपने साथियों को विजेता दिखाकर माहौल तैयार किया। इस पूरी साजिश का मकसद दुकानदार का विश्वास जीतना था ताकि वह भी खेल में शामिल हो जाए। दुकानदार सिकंदर चौधरी को यह विश्वास दिलाया गया कि खेल पूरी तरह असली है और इसमें आसानी से मुनाफा कमाया जा सकता है। आरोपियों की बातों में आकर वह भी दांव लगाने लगा। इसी दौरान गिरोह ने उसे 75 हजार रुपये नकद और एक सोने की अंगूठी लगाने के लिए राजी कर लिया, जिसे बाद में हड़प लिया गया। इतना ही नहीं, जब दुकानदार खेल में उलझा हुआ था, तब आरोपियों में से एक ने मौका देखकर दुकान के काउंटर पर रखी दूसरी सोने की अंगूठी भी चोरी कर ली। वारदात इतनी सफाई से अंजाम दी गई कि दुकानदार को तुरंत इसकी भनक तक नहीं लगी। घटना के बाद जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ तो उसने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने इसी तरह की और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। साथ ही ठगी गई रकम और चोरी किए गए आभूषणों की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।

तस्वीरें दुकानदारों के ग्रुप में साझा

मोहाली में हुई ठगी की वारदात के बाद पीड़ित दुकानदार ने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपियों की पहचान कराने के लिए सीसीटीवी फुटेज और उनकी तस्वीरें अन्य मोबाइल दुकानदारों के साथ साझा कर दीं। यह कदम पुलिस जांच में काफी मददगार साबित हुआ और आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता खुल गया। स्थानीय व्यापारियों ने भी एक-दूसरे को सतर्क रहने की सलाह दी। दुकानदारों के ग्रुप में तस्वीरें वायरल होने के बाद कई लोगों ने आरोपियों के हुलिए को पहचान लिया। इसी बीच गिरोह के सदस्य अगले ही दिन एक नए शिकार की तलाश में लांडरा क्षेत्र पहुंच गए। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनकी तस्वीरें पहले ही व्यापारियों और पुलिस तक पहुंच चुकी हैं। लांडरा की एक दुकान पर पहुंचकर आरोपियों ने सामान्य ग्राहक बनकर एक सिम कार्ड खरीदा। इसी दौरान दुकानदार को उन पर शक हुआ और उसने ग्रुप में साझा की गई तस्वीरों से उनका मिलान किया। तस्वीरें मेल खाने के बाद तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी लांडरा स्थित एक फ्लैट में ठहरे हुए हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने बिना देरी किए मौके पर दबिश दी। पुलिस की छापेमारी के दौरान सभी आरोपी फ्लैट में मौजूद मिले, जिन्हें तुरंत हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह गिरोह पहले भी इसी तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दे चुका है और इनके नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।

सीसीटीवी के आधार पर आरोपी ट्रेस

मोहाली पुलिस ने मोबाइल दुकानदार से ठगी के मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जांच अधिकारी एएसआई चमकौर सिंह के अनुसार, आरोपियों तक पहुंचने में सीसीटीवी फुटेज ने अहम भूमिका निभाई। वारदात के दौरान कैद हुई तस्वीरों और वीडियो के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक किया और उनकी लोकेशन का पता लगाया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वारदात के बाद लगातार अपने ठिकाने बदलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं की मदद से पुलिस उनकी तलाश में जुटी रही। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिए हुलिए और गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान सुनिश्चित की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोगा निवासी मनिंदर सिंह, जसविंदर सिंह, विशाल कुमार, बलविंदर सिंह, राजवीर सिंह और अरविंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मिलकर संगठित तरीके से ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे और लोगों को झांसे में लेकर उनसे नकदी और कीमती सामान हड़प लेते थे। जांच के दौरान यह भी पता चला कि सभी आरोपी लांडरा स्थित टीडीआई सिटी के फ्लैट नंबर 312 में रह रहे थे। पुलिस ने गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर उक्त फ्लैट पर छापा मारा, जहां से सभी आरोपियों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन लाया गया। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और संभावित साथियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। साथ ही ठगी गई रकम, सोने की अंगूठियों और वारदात में इस्तेमाल किए गए साधनों की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।

लूट की रकम और सोना बरामद करने की कोशिश

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से ठगी गई राशि, दोनों सोने की अंगूठियां और घटना में प्रयुक्त कार व मोटरसाइकिल को बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ, यह भी जांच की जाएगी कि गिरोह ने पंजाब या अन्य राज्यों में ऐसी और कितनी घटनाएं की हैं। गिरोह के सदस्यों ने प्लास्टिक के डिकरियों के माध्यम से रकम दोगुनी करने का खेल दिखाया। इस दौरान उनके साथियों ने जानबूझकर जीत हासिल की, जिससे दुकानदार को लगा कि खेल असली है और वह भी लाभ कमा सकता है। आरोपियों ने इसी मनोवैज्ञानिक चाल से दुकानदार का विश्वास प्राप्त किया। कुछ समय बाद दुकानदार सिकंदर चौधरी भी इस खेल में भाग लेने लगा। आरोपियों ने उसे बड़े मुनाफे का लालच देकर दांव लगाने के लिए प्रेरित किया। देखते ही देखते दुकानदार ने 75 हजार रुपए नकद और अपनी एक सोने की अंगूठी इस खेल में खो दी। आरोपियों ने मौके का फायदा उठाकर दुकान के काउंटर से दूसरी सोने की अंगूठी भी चुरा ली। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से भाग निकले। ठगी का एहसास होते ही दुकानदार ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज देखी और आरोपियों की तस्वीरें आसपास के मोबाइल दुकानदारों के व्हाट्सएप समूहों में शेयर कर दीं। इससे स्थानीय व्यापारियों में सतर्कता बढ़ी और आरोपी पुलिस के रडार पर आ गए।

अगले दिन गिरोह के सदस्य लांडरा क्षेत्र में एक और दुकानदार को लक्षित करने पहुंचे। यहां उन्होंने एक दुकान से सिम कार्ड खरीदा, जिसके चलते उनकी पहचान हो गई। दुकानदारों द्वारा दी गई तस्वीरों से मिलान होने पर पुलिस को तुरंत सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सदर खरड़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लांडरा में टीडीआई सिटी के एक फ्लैट पर छापा मारा। पुलिस ने फ्लैट नंबर 312 से सभी छह आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को मामले से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों की पहचान मोगा निवासी मनिंदर सिंह, जसविंदर सिंह, विशाल कुमार, बलविंदर सिंह, राजवीर सिंह और अरविंदर सिंह के रूप में की है। प्रारंभिक जांच से ज्ञात हुआ है कि सभी आरोपी मिलकर संगठित तरीके से धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम देते थे और लगातार नए शिकार की तलाश में रहते थे। जांच अधिकारी एएसआई चमकौर सिंह के अनुसार पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर धोखाधड़ी गई रकम, दोनों सोने की अंगूठियां और वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी बरामद करने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही यह भी जांटा जा रहा है कि इस गिरोह ने पंजाब या अन्य राज्यों में इसी तरह की कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान और अधिक महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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