देश में मानसून विदा होने से पहले ही गुजरात और महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
गुजरात की स्थिति
गुजरात में लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में हाईवे और प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। यातायात बुरी तरह प्रभावित है और कई जगह गाड़ियां फंस गईं। वहीं, गरबा महोत्सव के दौरान लगे कई गरबा पंडाल पानी और तेज हवाओं के कारण ढह गए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए कई आयोजनों पर रोक लगा दी है।
महाराष्ट्र की स्थिति
महाराष्ट्र में हालात और गंभीर हैं। यहां 3 हजार से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में लोग घरों में फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ और राज्य आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
मौतों का आंकड़ा
बारिश और बाढ़ से अब तक 104 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण इलाकों और खेतों को हुआ है। किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है।
मानसून की विदाई
मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि 15 अक्टूबर तक देश से मानसून विदा हो जाएगा। लेकिन तब तक कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।
कुल मिलाकर, गुजरात और महाराष्ट्र में बाढ़ ने जीवन की रफ्तार थाम दी है। सरकार और राहत टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन लोगों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।










