Pakistan के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर में पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें उनके घर के बाहर से पुलिस अपने साथ ले गई। अलीमा खान पिछले काफी समय से जेल में बंद अपने भाई इमरान खान के हालात को लेकर सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखती रही हैं। अलीमा खान लगातार इमरान खान से जुड़े जेल के मुद्दों को उठाती रही हैं। उन्होंने हाल ही में भी इस मामले को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। इसके कुछ समय बाद ही उनके खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई सामने आई है, जिससे पाकिस्तान के राजनीतिक माहौल में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। लाहौर के डिप्टी कमिश्नर की ओर से मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर यानी MPO के तहत हिरासत का आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के मुताबिक अलीमा खान को अधिकतम 30 दिनों तक हिरासत में रखा जा सकता है। अलीमा खान को हिरासत में लेने का फैसला लाहौर के डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई जिला खुफिया कमेटी की बैठक के बाद लिया गया। बैठक में शहर में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने को लेकर चर्चा हुई थी। अलीमा खान की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब इमरान खान की पार्टी और उनके समर्थक लगातार उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। अलीमा भी अपने भाई से जुड़े मुद्दों को लेकर कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से अपनी आवाज उठा चुकी हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब अलीमा खान की हिरासत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल उनके खिलाफ कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया और उन्हें कहां रखा गया है, इसे लेकर आधिकारिक स्तर पर सामने आने वाली जानकारी पर नजर बनी हुई है।
फिलहाल कहां ले गए जानकारी नहीं
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान को पंजाब पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद उनके ठिकाने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि पुलिस उन्हें उनके घर के बाहर से अपने साथ ले गई। उनके साथ मौजूद ड्राइवर को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि अलीमा खान और उनके ड्राइवर को पुलिस किस स्थान पर लेकर गई है। उनकी हिरासत के बाद परिवार और उनके समर्थकों की ओर से इस संबंध में जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है। अलीमा खान की हिरासत के पीछे पुलिस की ओर से तत्काल कोई विस्तृत वजह सामने नहीं आई है। इसी कारण उनके परिवार और कानूनी टीम की ओर से कार्रवाई का आधार स्पष्ट करने की मांग की जा रही है। परिवार और उनके वकील यह जानना चाहते हैं कि अलीमा खान को किस कानूनी प्रावधान के तहत हिरासत में लिया गया है। साथ ही वे उनके मौजूदा ठिकाने और हिरासत से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी भी मांग रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद अलीमा खान के समर्थकों में भी हलचल देखी जा रही है। अब सभी की नजर पुलिस और प्रशासन की ओर से आने वाली आधिकारिक जानकारी पर है, जिससे उनकी हिरासत की वजह और वर्तमान स्थिति को लेकर तस्वीर साफ हो सके।

पीटीआई के लॉन्ग मार्च से पहले कार्रवाई
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अलजजीरा के मुताबिक, PTI के पंजाब प्रवक्ता ने बताया कि अलीमा खान को लाहौर स्थित उनके घर से उस समय हिरासत में लिया गया, जब पार्टी 27 सितंबर को प्रस्तावित लॉन्ग मार्च की तैयारी कर रही है। PTI ने 27 सितंबर को इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर विरोध मार्च का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि इस प्रदर्शन के जरिए वह अपने प्रमुख मुद्दों को सामने रखेगी। इसी बीच अलीमा खान की गिरफ्तारी की खबर सामने आने से पार्टी के भीतर गतिविधियां और तेज हो गई हैं। अलीमा खान की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने PTI से जुड़े चार कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई भी प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले की गई बताई गई है। हालांकि, इन कार्रवाइयों को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। PTI लंबे समय से इमरान खान की जेल से रिहाई की मांग कर रही है। पार्टी के अनुसार, इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही PTI और उनके समर्थक अलग-अलग मौकों पर उनकी रिहाई को लेकर प्रदर्शन करते रहे हैं। अब 27 सितंबर को होने वाले प्रस्तावित मार्च को लेकर पाकिस्तान की राजनीति में गतिविधियां बढ़ गई हैं। अलीमा खान की गिरफ्तारी और पार्टी कार्यकर्ताओं की हिरासत के बाद इस प्रदर्शन पर सभी की नजरें बनी हुई हैं। आगे प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और PTI का रुख क्या रहता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
प्रोटेस्ट को लेकर इस्लामाबाद पुलिस अलर्ट
पाकिस्तान में 27 सितंबर को प्रस्तावित PTI के विरोध मार्च को देखते हुए इस्लामाबाद पुलिस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों की एक अहम बैठक हुई, जिसमें संभावित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े इंतजामों पर चर्चा की गई। सेंट्रल पुलिस ऑफिस में हुई इस बैठक में संबंधित पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, संभावित परिस्थितियों और पुलिस की तैयारियों की समीक्षा की। पुलिस की ओर से PTI के कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस PTI के नेताओं, कार्यकर्ताओं और अन्य सक्रिय सदस्यों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है। इसके साथ ही पार्टी की ओर से प्रस्तावित मार्च को लेकर की जा रही तैयारियों पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है। राजधानी में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा जारी है। यह घटनाक्रम अलीमा खान की हिरासत के बाद सामने आया है। इमरान खान की बहन को ऐसे समय में हिरासत में लिया गया है, जब PTI ने 27 सितंबर को मार्च निकालने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि इस प्रदर्शन के जरिए इमरान खान की रिहाई समेत अपनी मांगों को उठाया जाएगा। PTI की ओर से यह भी दावा किया गया है कि मार्च से पहले पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। पार्टी इन कार्रवाइयों को आगामी प्रदर्शन के संदर्भ में देख रही है। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से इन घटनाक्रमों पर अभी विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इमरान खान की जेल में स्थिति को लेकर उनका परिवार पहले भी चिंता जाहिर करता रहा है। अगस्त में उनके इलाज और मेडिकल जांच से जुड़े मुद्दों पर PTI और सरकार के बीच मतभेद की खबरें सामने आई थीं। पार्टी ने कुछ न्यायिक निर्देशों के पालन को लेकर सवाल उठाए थे, जबकि सरकार की ओर से सुरक्षा संबंधी कारणों का हवाला दिया गया था। अब अलीमा खान की हिरासत के बाद 27 सितंबर के प्रस्तावित मार्च को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। एक तरफ PTI अपने कार्यक्रम की तैयारियों में जुटी है, वहीं प्रशासन राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार समीक्षा कर रहा है। अलीमा खान की हिरासत से जुड़े कुछ पहलुओं पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। उन्हें किस स्थान पर रखा गया है, हिरासत की अवधि क्या होगी और कार्रवाई का विस्तृत कानूनी आधार क्या है, इन सवालों पर आगे आने वाली आधिकारिक जानकारी से तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।









