हरियाणा के Panipat से एक बड़ी खबर सामने आई है। मशहूर रैपर Badshah अपने गाने Tattiri को लेकर विवाद में घिर गए हैं। इस मामले में Haryana State Commission for Women ने सख्त रुख अपनाते हुए उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। साथ ही उनका पासपोर्ट जब्त करने की भी बात कही गई है।
गाने के बोल पर हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि टटीरी गाने के बोल को लेकर आरोप है कि इसमें महिलाओं और बेटियों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। इसी को लेकर पानीपत की सामाजिक कार्यकर्ता सविता आर्य ने महिला आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी। सविता आर्य “नारी तू नारायणी” संगठन की अध्यक्ष हैं। उनका कहना है कि ऐसे गाने समाज में गलत संदेश देते हैं और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं।
आयोग ने जारी किया था नोटिस
शिकायत मिलने के बाद Haryana State Commission for Women ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बादशाह को नोटिस भेजा था। उन्हें 13 मार्च को पानीपत जिला सचिवालय में होने वाली जनसुनवाई में पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था।
लेकिन सुनवाई के दिन बादशाह खुद आयोग के सामने पेश नहीं हुए। उनकी तरफ से उनके वकील अक्षय दहिया आयोग के सामने पहुंचे और कुछ समय देने की मांग की। वकील ने बताया कि बादशाह एक कार्यक्रम में व्यस्त हैं और इसलिए पेश नहीं हो सके।
आयोग की चेयरपर्सन ने जताई नाराजगी
महिला आयोग की चेयरपर्सन Renu Bhatia ने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहले गाने में महिलाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और अब आयोग के सामने पेश न होना भी बेटियों का अपमान है।
उन्होंने कहा कि यह केवल हरियाणा की बेटियों का नहीं बल्कि पूरे देश की महिलाओं का अपमान है और आयोग इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा।
गिरफ्तारी के आदेश और पासपोर्ट जब्त करने की मांग
इसके बाद महिला आयोग ने Panipat, Jind और Panchkula की पुलिस को बादशाह को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उनका पासपोर्ट जब्त करने की भी सिफारिश की गई है।
इसके अलावा आयोग की चेयरपर्सन ने National Commission for Women को पत्र लिखकर मांग की है कि बादशाह के गानों पर पूरे देश में प्रतिबंध लगाया जाए और उनके कार्यक्रमों पर भी रोक लगाई जाए।
वकील ने उठाए सवाल
वहीं दूसरी तरफ बादशाह के वकील अक्षय दहिया का कहना है कि उन्हें आयोग की तरफ से कोई आधिकारिक समन नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि बादशाह पहले ही इस गाने को लेकर माफी मांग चुके हैं और विवादित गाना भी इंटरनेट से हटा दिया गया है।
वकील ने यह भी आरोप लगाया कि आयोग उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है और इस पूरे मामले में राजनीति की जा रही है।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग महिला आयोग के फैसले का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि माफी मांगने और गाना हटाने के बाद मामले को बातचीत से सुलझाया जा सकता था।









